गोष्ठी में बोलते डॉ. वीके श्रीवास्तव।
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महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन बौद्धिक सत्र के अंतर्गत ‘स्वच्छता और स्वास्थ्य’ विषय पर गोष्ठी हुई। शुक्रवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. वीके श्रीवास्तव ने कहा कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सुयोग्य होना ही स्वस्थ होने का अर्थ है। स्वस्थ होने के लिए मनोवृत्तियों की एकाग्रता का होना जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या का समुचित निर्धारण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि वास्तव में स्वच्छता का स्वास्थ्य से गहरा संबंध होता है। एक स्वस्थ युवा ही आने वाले सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकता है। स्वच्छता अपनाने वाला प्रत्येक व्यक्ति रोगमुक्त रहता है। अध्यक्षता करते हुए वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभय श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छता के लिए दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए। संचालन दीक्षा मिश्रा ने किया।