फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में स्कूल संचालकों के लिए शिक्षकों का वेतन देना बना चुनौती, जानें क्या है खास वजह

Sat, 25 Apr 2020 12:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

  • स्कूल एसोसिएशन ने ऑनलाइन बैठक कर समस्याओं पर किया मंथन  
  • डीआईओएस के माध्यम से शासन को मांग पत्र भेजने की तैयारी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने और फीस के न मिलने के मुद्दे पर शहर के स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन बैठक कर चर्चा की। इस दौरान संचालकों ने कहा कि अगर फीस लेने की अनुमति नहीं मिली तो उन्हें ऑनलाइन क्लास चलाने के साथ ही उनके वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन


तय हुआ कि संगठन की तरफ से एक मांग पत्र तैयार करके जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। साथ ही स्कूल फीस जमा कराने की अनुमति मांगी जाएगी। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार शाही ने कहा कि एक अप्रैल से ही ऑनलाइन पढ़ाई की शुरूआत की जा चुकी है।

मौजूदा हालात में लॉकडाउन खुलने के बाद सभी स्कूलों का संचालन जून से पहले होने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में शिक्षकों और कर्मचारियों से सेवाएं लेना मुश्किल होता जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन विद्यालयों को उठानी पड़ रही है, जहां 1000 से कम बच्चे हैं।
विज्ञापन


मंत्री हेमंत मिश्रा ने कहा कि अप्रैल से शिक्षक व्हाट्सएप या ऑनलाइन क्लास के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में बच्चों को होमवर्क देना, स्टडी मैटेरियल तैयार करना और उसके मूल्यांकन में जुटे हैं। अगर शासन की तरफ से स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश नहीं मिला तो स्कूलों को मजबूरी में ऑनलाइन क्लास को भी लॉकडाउन करना पड़ेगा।  
Trending Videos
विज्ञापन

छंटनी की संभावना से नहीं कर सकते इंकार

स्कूल संचालकों ने कहा कि 14 मार्च से विद्यालय बंद हैं। विद्यालयों को परीक्षा परिणाम निर्गत करने का अवसर नहीं मिल सका। इस कारण पिछले सत्र की फीस का बहुत बड़ा भाग अभी तक अभिभावकों द्वारा चुकता नहीं किया गया है।

इससे सभी विद्यालय वित्तीय संकट में हैं। लॉकडाउन आगे बढ़ता रहा तो बिजली के बिल, बैंक किस्त, कर्मचारियों का वेतन, रखरखाव आदि तो प्रभावित होगा ही। भविष्य में छंटनी से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।   

पांच हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी हैं कार्यरत  
सीबीएसई बोर्ड के 103 और आईसीएसई बोर्ड के 16 विद्यालयों को मिलाकर जिले में 119 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 5000 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें