लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने और फीस के न मिलने के मुद्दे पर शहर के स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन बैठक कर चर्चा की। इस दौरान संचालकों ने कहा कि अगर फीस लेने की अनुमति नहीं मिली तो उन्हें ऑनलाइन क्लास चलाने के साथ ही उनके वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
तय हुआ कि संगठन की तरफ से एक मांग पत्र तैयार करके जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। साथ ही स्कूल फीस जमा कराने की अनुमति मांगी जाएगी। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार शाही ने कहा कि एक अप्रैल से ही ऑनलाइन पढ़ाई की शुरूआत की जा चुकी है।
मौजूदा हालात में लॉकडाउन खुलने के बाद सभी स्कूलों का संचालन जून से पहले होने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में शिक्षकों और कर्मचारियों से सेवाएं लेना मुश्किल होता जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन विद्यालयों को उठानी पड़ रही है, जहां 1000 से कम बच्चे हैं।
मंत्री हेमंत मिश्रा ने कहा कि अप्रैल से शिक्षक व्हाट्सएप या ऑनलाइन क्लास के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में बच्चों को होमवर्क देना, स्टडी मैटेरियल तैयार करना और उसके मूल्यांकन में जुटे हैं। अगर शासन की तरफ से स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश नहीं मिला तो स्कूलों को मजबूरी में ऑनलाइन क्लास को भी लॉकडाउन करना पड़ेगा।