केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब ट्रांसफर सर्टिफिकेट स्कूल से ही मिल जाएगा। ट्रांसफर सर्टिफिकेट समेत अन्य दस्तावेजों के सत्यापन में लगने वाले समय को देखते हुए सत्यापन (काउंटर साइन) की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया। इससे संबंधित आदेश शहर में सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों में पहुंच गया है।
जिले में 107 विद्यालय है। इनमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। बोर्ड के आदेश के मुताबिक हाईस्कूल, इंटर की मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन को छोड़कर किसी भी प्रकार का प्रमाणपत्र अब स्कूल के प्रधानाचार्य ही जारी करेंगे।
सर्टिफिकेट स्कूल के लैटर हेड पर ही जारी किया जाना चाहिए। लेटर हेड पर सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होने के साथ ही संबद्धता नंबर, उसपर लगी मुहर पर भी स्कूल का नाम और संबद्धता नंबर अंकित होना चाहिए। इसके साथ ही साथ स्कूल का नाम और नंबर सीबीएसई के रिकार्ड में दर्ज होना जरूरी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी सीबीएसई से संचालित सभी स्कूलों को इन प्रमाणपत्रों को मानना होगा। किसी अभिभावक या शिक्षक को बोर्ड से सत्यापन कराने के लिए बाध्य नहीं करना होगा।