बच्चों को मार्केट की डिमांड के मुताबिक जॉब रेडी बनाने के नजरिए से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब कक्षा छह से लेकर 11 तक के विद्यार्थियों को स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शुरुआती कक्षाओं में स्किल डेवलपमेंट की जानकारी होने से विद्यार्थी जब सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं में पहुंचेंगे तो उनके लिए अपनी रुचि के मुताबिक भविष्य को चुनने में आसानी होगी। इसका आदेश बोर्ड से संचालित 103 विद्यालयों में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक सत्र 2020-21 में कक्षा छह से नौ के विद्यार्थियों को 12 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं कक्षा 11वीं में डिजाइन थिकिंग, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के रूप में तीन नए सब्जेक्ट को वोकेशनल कोर्स में जोड़ा गया है। बोर्ड की ओर से स्किल डेवलपमेंट की पढ़ाई कक्षा 11वीं-12वीं में पूर्व से ही कराई जा रही है। मगर अब इसका दायरा बढ़ाकर मिडिल कक्षाओं तक कर दिया गया है।
बोर्ड का मानना है कि प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में विद्यार्थी स्नातक उत्तीर्ण कर रहे हैं मगर उनमें मार्केट की डिमांड के मुताबिक तकनीकी दक्षता का अभाव है। इस वजह से नंबर होने के बाद भी बेरोजगारी के दंश को झेलना पड़ रहा है। स्किल कोर्स को चलाने के लिए स्कूल प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इन विषयों पर देंगे प्रशिक्षण
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ब्यूटी एंड वेलनेस, डिजाइन थिंकिंग, फाइनेंशियल लिटरेसी, हैंडीक्राफ्ट, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग ओर कॉमर्शियल ऐप्लिकेशन, मास मीडिया और ट्रेवेल एंड टूरिज्म
पांच हजार रुपये होगा शुल्क
बोर्ड की ओर से स्किल डेवलमेंट कोर्स शुरू किए जाने की फीस निजी स्कूलों में पांच हजार रुपये प्रति विषय निर्धारित की गई है। वहीं सरकारी, एडेड, केंद्रीय विद्यालयों या जवाहर नवोदय विद्यालयों के लिए दो हजार प्रति विषय का शुल्क निर्धारित किया है।
आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल त्रिपाठी ने बताया- सीबीएसई की ओर से विद्यार्थियों के अंदर स्किल डेवलपमेंट के लिए कक्षा छह से ही तकनीकी कोर्स चलाने का निर्देश मिला है। इसे नए सत्र से लागू किया जाएगा। इसकी जानकारी अभिभावकों और बच्चों को दी जा रही है।