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गोरखपुर: वर्षों से लगा रहे थे चक्कर अब जाकर बदला अंकपत्र में नाम, पहली बार लगा शिविर

Thu, 22 Jun 2023 01:53 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

2013 में 12वीं की परीक्षा पास करने वाली नेहा का नाम अंकपत्र में नेहा की जगह हेमा हो गया। इसके बाद नाम को ठीक कराने के लिए नेहा और उसके परिजनों ने पांच बार वाराणसी और प्रयागराज के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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दो दिवसीय शिविर का आयोजन - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय की ओर से बुधवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बोर्ड परीक्षा के प्रमाणपत्र व अंक पत्र में नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम आदि में सुधार किए गए। शिविर में पहले दिन 1986 से 2017 के बीच के अंकपत्रों के सुधार के लिए 80 आवेदन आए। इसमें 10वीं में आठ और 12वीं तीन आवेदकों के नाम और जन्मतिथि में सुधार किया गया।
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आज भी चलेगा शिविर
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बुधवार को दो दिवसीय शिविर शुरू हुआ। बृहस्पतिवार को कैंप का समापन होगा। इसमें 2017 से अबतक के विद्यार्थियाें के प्रमाणपत्र व अंकपत्र में नाम और जन्मतिथि को सुधारा जाएगा।

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10 वर्षों तक नेहा बनीं रही हेमा
2013 में 12वीं की परीक्षा पास करने वाली नेहा का नाम अंकपत्र में नेहा की जगह हेमा हो गया। इसके बाद नाम को ठीक कराने के लिए नेहा और उसके परिजनों ने पांच बार वाराणसी और प्रयागराज के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। शिविर में 10 साल बाद नेहा के नाम में सुधार हो सका।
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माता पिता बन गए दादा-दादी
शिविर में सरस्वती विद्या मंदिर आर्य नगर में 2017 में 10वीं पास करने वाले प्रवीण गुप्ता के अंकपत्र में माता-पिता की जगह दादा-दादी नाम चढ़ गया। इस नाम को ठीक कराने के लिए उनके परिजन वाराणसी व प्रयागराज के चक्कर लगाते रहे अब जाकर शिविर में उनके अंकपत्र में सुधार हो सका।



 
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