गोरखपुर। प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सर्किट हाउस सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मत्स्य संपदा योजनाओं की धीमी गति पर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने गोरखपुर मंडल के सभी जनपदों (गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज और देवरिया) में शासन की ओर से चल रही योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मत्स्य पालकों /मछुआरों के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष, किसान क्रेडिट कार्ड आदि की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए योजनाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए उन्होंने लीड बैंक अधिकारी को निर्देशित किया। मत्स्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर मछुआरों के उत्थान के लिए संचालित इस योजना को गंभीरता से लें और योग्य लाभार्थी को क्रेडिट ऋण सुविधा को समय पर उपलब्ध कराएं।
अनुदान लेकर नहीं कर रहे उत्पादन कार्य तो करें वसूली
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शासन से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन से पहले इनका व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। विशेष जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी हो सके। इस दौरान पात्र लोगों को चयनित करके उनको योजनाओं को लाभ दें। उन्होंने कहा की योजना में उत्पादन देना प्रगति है, न की पैसा देना। इसलिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिनको अनुदान मिल चुका है, अगर वे उत्पादन कार्य में संलग्न नहीं हैं, तो उन्हें नोटिस देकर उनसे धन की वसूली की जाए। उन्होंने मत्स्य विक्रेताओं का बीमा कराने का आदेश अफसरों को दिया। इस मौके पर विशेष सचिव एवं निदेशक मत्स्य विभाग प्रशांत शर्मा, जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, सीडीओ संजय कुमार मीना आदि मौजूद रहे।