प्राधिकरण ने सुंदरीकरण को लेकर त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 27 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। मंजूरी के लिए इसे शासन को भेजा जा रहा है। प्राधिकरण ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके मुताबिक, ताल के वजूद को बरकरार रखने के लिए इसकी नए सिरे से ड्रेजिंग की जाएगी ताकि पूरे साल इसमें जल सरंक्षण हो सके। ताल के आसपास के लगभग आधा दर्जन मोहल्लों को जलभराव से बचाने के भी उपाय होंगे। विजय चौराहा और धर्मशाला की तरफ से आने वाले नालों के पानी की गंदगी को रोककर ट्रीटमेंट प्लांट की मदद से पानी को साफ किया जाएगा और फिर उसे तालाब में डाला जाएगा।
जॉगिंग ट्रैक, फूड कोर्ट और म्जूजिकल फाउंटेन लगेगा
प्रस्ताव के मुताबिक, ताल के किनारों को कटान से सुरक्षित करने के लिए पक्का नाला बनेगा। इससे गंदा पानी ताल के अंदर नहीं जा पाएगा। ताल के प्राकृतिक स्वरूप को स्थापित करते हुए उसके साथ ही जागिंग ट्रैक, फूड कोर्ट, म्यूजिकल फाउंटेन, स्मार्ट लिंक रोड, लाइटिंग और लोगों के बैठने के लिए बेंच भी लगाए जाएंगे। म्यूजिकल फाउंटेन भी लगेगा। लोग यहां टहल सकें, इसके लिए 1437 मीटर लंबा पाथ वे बनाया जाएगा।
बीच शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए यहां 400 चारपहिया वाहनों को खड़ा करने की भी व्यवस्था होगी। साथ ही दो पहिया वाहन भी खड़े हो सकेंगे। प्राधिकरण की तरफ से इसकी प्लानिंग की गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि सुमेर सागर ताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित करने की योजना हैं। यहां लोगों को सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। त्वरित विकास योजना के तहत लगभग 27 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।