नतीजा तय करेगा किस कद्दावर में कितना 'दम'
देवरिया। सदर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जंग रोचक हो गई है। पूरा क्षेत्र कद्दावर नेताओं का अखाड़ा बन गया है। 500 से अधिक बाहरी लोगों ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। इसमें विभिन्न दलों के कद्दावर नेता भी शामिल हैं। शहर के होटल, लॉज एवं मैरेज हाल के अलावा पार्टियों के नेताओं के यहां ऐसे लोगों ने डेरा डालकर पार्टी को बढ़त दिलाने में जुटे हैं। उपचुनाव में चुनावी जंग सीधे-सीधे नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। ऐसे में उपचुनाव विभिन्न दलों के कद्दावर नेताओं का कद तय करेगा।
सदर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव दिन प्रतिदिन रोचक होता जा रहा हैं। भाजपा ने संत विनोबा पीजी कॉलेज में राजनीति विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, सपा ने पांच बार विधायक एवं दो बार कैबिनेट मंत्री रहे ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, बसपा ने अधिवक्ता अभयनाथ त्रिपाठी और कांग्रेस ने युवा नेता मुकुंद भाष्कर मणि त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है। स्व. जन्मेजस सिंह के पुत्र अजय सिंह पिंटू भी ताल ठोक रहे हैं। उपचुनाव में अपने-अपने दल को बढ़त दिलाने के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के कद्दावर नेताओं का जमावड़ा होने लगा है। देवरिया सभी दलों के नेताओं का अखाड़ा बनता जा रहा है। नेतृत्व एवं बिरादरी पर सबकी नजरें टिक गई हैं। चुनाव में जीत के लिए सभी दलों ने रणनीति को अंतिम रूप देकर पूरे विधानसभा क्षेत्र को जोन एवं सेक्टर में बांटकर संपर्क करना शुरू कर दिया है।
भाजपा
भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए विधानसभा को 71 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद सहित प्रदेश एवं क्षेत्रीय संगठन के पदाधिकारी, विधायक एवं आसपास जिले के विधायक, पूर्व विधायकों को लगाया गया है। जिले भर के विधायकों एवं सांसदों को भी जिम्मेदारी दी गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बसंल का कार्यक्रम लग चुका है। गोरखपुर के सांसद रवि किशन, दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, आजमगढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके अभिनेता दिनेश लाल निरहुआ के आने की चर्चाएं हैं।
सपा
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के प्रचार के लिए बलिया, मऊ, गोरखपुर, आजमगढ़, कुशीनगर आदि जिलों से नेताओं का जमावड़ा होने लगा है। पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, रामनगीना साहनी, अल्ताफ अंसारी, अवधेश यादव, मोहसिन खां, कृष्णकांत त्रिपाठी, हियुवा के नेता रहे सुनील सिंह आदि देवरिया में जमे हुए हैं। सपा ने विधानसभा को 14 जोन एवं 36 सेक्टर में बांटकर नेताओं को लगा दिया है। जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों के पूर्व विधायकों एवं चुनाव लड़ चुके नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। 487 बूथों पर सपा हर बूथ पर 20 युवाओं को लगाने की तैयारी में है।
कांग्रेस
कांग्रेस में महीने भर से राष्ट्रीय सचिव सचिन नाइक, प्रदेश महामंत्री कौशल त्रिपाठी, कोआर्डिनेटर सुरेंद्र शर्मा जमे हुए हैं। कांग्रेस ने 487 बूथों को 28 सेक्टर में बांटकर संपर्क करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के बड़े नेता प्रमोद तिवारी, उनकी विधायक पुत्री आराधना मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, गोरखपुर से चुनाव लड़ चुकीं काजल निषाद, फिल्म अभिनेत्री नगमा, पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान, पूर्व विधायक मुकीम, महिला कांग्रेस की पूर्वी की अध्यक्ष शहला अहरारी, गोरखपुर की तलत अजीज आदि कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए डेरा डालने की तैयारी में हैं।
बसपा
बसपा उपचुनाव को गंभीरता से लेकर बूथ स्तर पर होमवर्क कर रही है। हर बूथ पर 10 सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जो वोटरों को सहजने में लगे हैं। पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, लालचंद निषाद, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, चिल्लूपार के विधायक विनय शंकर तिवारी, रामअचल राजभर, पूर्व एमएलसी ओपी त्रिपाठी, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। पार्टी के कद्दावर नेता सतीश मिश्र का कार्यक्रम लगने की संभावना हैं। सबसे खास बात यह है कि बसपा अपने मूल वोटरों को ठीक तरह से सहजने में जुटी है।