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Gorakhpur News: उज्जैन से असलहे मंगाकर बेचे जा रहे, व्हाट्सएप ग्रुप से मंगाए जा रहे हथियार, तीन गिरफ्तार

Wed, 11 Jan 2023 12:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

पुलिस का कहना है कि व्हाट्सएप पर 10 ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं। देवा, महाकाल, गैंगस्टर, एके-47, गुंडों की टोली, एम के लिए काम जैसे नामों से ग्रुप बनाए गए हैं। पुलिस एक-एक ग्रुप के सदस्यों की जांच में जुटी है।

 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के बेलघाट का एक शख्स मध्य प्रदेश के उज्जैन से असलहे मंगाकर बेचता है। इसका खुलासा मंगलवार को गोला में गिरफ्तार तीन बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में किया है। युवक की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उज्जैन कनेक्शन पर पुलिस काम करेगी।

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एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके पकड़े गए बदमाशों के बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन तमंचों के साथ पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोला के विमटी निवासी जयहिंद, परसा निवासी महताब उर्फ नायक और मोहम्मद अख्तर उर्फ मच्छर के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि असलहे बेचने वालों ने व्हाट्सएप पर 10 ग्रुप बना रखे हैं। हर ग्रुप में 50 से 60 सदस्य हैं। इसी ग्रुप के माध्यम से असलहों की मांग और आपूर्ति की जाती है। इसी पर दाम भी तय किया जाता है।

एसपी ने बताया कि बेलघाट पुलिस ने कुछ दिन पहले राघवेंद्र और गुड्डू कन्नौजिया को पकड़ा था। इनसे पूछताछ और असलहों की फोटो मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की तो जयहिंद का नाम सामने आया। जयहिंद को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों को पकड़ा है। एसपी ने बताया कि मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
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महाकाल और गुंडों की टोली नाम से बना है ग्रुप

पुलिस का कहना है कि व्हाट्सएप पर 10 ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं। देवा, महाकाल, गैंगस्टर, एके-47, गुंडों की टोली, एम के लिए काम जैसे नामों से ग्रुप बनाए गए हैं। पुलिस एक-एक ग्रुप के सदस्यों की जांच में जुटी है।

फिर चर्चा में आया महाकाल ग्रुप
कुछ समय पहले सड़कों पर टोली बनाकर मारपीट करने के मामले में महाकाल ग्रुप का नाम सामने आया था। इस बार असलहों की खरीदारी और आपूर्ति में महाकाल ग्रुप का नाम चर्चा में आया है। एसपी ने बताया कि एक-एक की भूमिका की जांच की जा रही है।

एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि ऑपरेशन तमंचा दो के तहत पुलिस अभियान चला रही है। बेलघाट के युवकों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने तीन और बदमाशों को पकड़ा है। अवैध पिस्टल को 35 हजार और तमंचा छह हजार रुपये में मंगाया गया है। इसके बाद इसे महंगे दामों पर बेचा गया है। किस-किस को असलहे बेचे गए हैं, इसकी जानकारी की जा रही है। असली आरोपी बेलघाट का शख्स है, उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा।
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