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Gorakhpur News: मर चुकी महिला का नाम खुद रख 'धंधेबाज' ने किया खेल, बेच दी पोखरे की सरकारी जमीन

Sat, 24 Aug 2024 01:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पादरी बाजार

सार

उषा देवी को रवि ने अपने दोस्त राजेश गुप्ता के साथ बशारतपुर में एक जमीन दिखाई। पसंद आने पर पीड़ित दंपती ने फ्लोरेंस पारकर, रवि यादव और राजेश गुप्ता को 12 लाख रुपये देकर दिसंबर 2018 में जमीन की रजिस्ट्री करा ली। बाद में इन्हें पता चला कि जिस शख्स ने फ्लोरेंस पारकर बनकर जमीन की रजिस्ट्री की है, वह किसी पुरुष का नाम नहीं है, बल्कि महिला का है। उसकी कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
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विस्तार
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गोरखपुर के शाहपुर इलाके के बशारतपुर में धंधेबाजों ने नगर निगम की पोखरे की जमीन रजिस्ट्री कराकर रिटायर्ड रेलकर्मी की पत्नी से 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसमें मर चुकी महिला के नाम पर एक पुरुष को खड़ा कर जमीन का बैनामा करा दिया गया।

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एसएसपी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को शाहपुर पुलिस ने निबंधन कार्यालय के अज्ञात कर्मचारी और जंगल तुलसीराम बिछिया आजाद नगर निवासी रवि यादव उर्फ नरेंद्र, सुग्रीव यादव, सत्यभामा यादव, राजेश गुप्ता, कथित फ्लोरेंस पारकर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल इलाके की नवापार निवासी उषा देवी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनके पति रमाशंकर प्रसाद रेलवे में नौकरी करते थे। वह परिवार समेत जटेपुर उत्तरी स्थित रेलवे कॉलोनी में रहते थे। पति की जान-पहचान बिछिया निवासी रिटायर्ड रेलकर्मी सुग्रीव यादव और उनकी पत्नी सत्यभामा यादव से थी।
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शहर में हमें जमीन की आवश्यकता थी। सुग्रीव से इसकी चर्चा की तो उसने बताया कि उनका एक मकान खरैया पोखरा बशारतपुर में है। बेटा रवि यादव जमीन का कारोबार करता है। वह अच्छी जमीन दिला देगा।

उषा देवी को रवि ने अपने दोस्त राजेश गुप्ता के साथ बशारतपुर में एक जमीन दिखाई। पसंद आने पर पीड़ित दंपती ने फ्लोरेंस पारकर, रवि यादव और राजेश गुप्ता को 12 लाख रुपये देकर दिसंबर 2018 में जमीन की रजिस्ट्री करा ली। बाद में इन्हें पता चला कि जिस शख्स ने फ्लोरेंस पारकर बनकर जमीन की रजिस्ट्री की है, वह किसी पुरुष का नाम नहीं है, बल्कि महिला का है। उसकी कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। इसके अलावा जो जमीन उन्हें दी गई, वह नगर निगम का पोखरा है।

इसके बाद पीड़ित दंपती निबंधन कार्यालय गए और आरोपियों से भी संपर्क किया, लेकिन छह साल बीत गए उन्होंने रुपये वापस नहीं किए। इसके बाद दंपती ने स्थानीय थाने में शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर एसएसपी से गुहार लगाई। सीओ गोरखनाथ योगेंद्र सिंह का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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