ऐसे में गीडा प्रशासन इस तरह की जमीन के आवंटियों को राहत देते हुए उन्हें जमीन का कुछ हिस्सा 'सब डिवीजन ऑफ प्लॉट' प्रावधान के तहत बेचने की अनुमति देने जा रहा है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि पहले भी ऐसा प्रावधान था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया।
अब फिर से इसे बोर्ड बैठक में रखा जा रहा है। ऐसा हो जाने के बाद उद्योग लगाने वाले कई उद्यमियों को प्लॉट मिल जाएगा। वहीं आर्थिक तंगी की वजह से उद्योग नहीं शुरू कर पा रहे उद्यमी इस दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।
गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि शासन स्तर पर सब डिवीजन ऑफ प्लॉट के संबंध में नीति तैयार हो रही है। इसके बन जाने के बाद उद्यमी अपने प्लॉट का कुछ हिस्सा बेच सकेंगे।