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यहां बनने के लिए आने वाली बसें हो जाती हैं और ज्यादा खराब

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यहां बनने के लिए आने वाली बसें हो जाती हैं और ज्यादा खराब
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गोरखपुर। परिवहन निगम गोरखपुर परिक्षेत्र के राप्तीनगर डिपो यूं तो बसें बनने के लिए आती हैं, लेकिन यहां की बदहाली की मार में और ज्यादा खराब हो जाती हैं। कार्यशाला का शेड टूटा है। इससे बारिश पानी भीतर जमा हो जा रहा है।
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परिसर में गढ्ढों की भरमार है। इनमें आए दिन बसें फंस जाती हैं। डग टेस्टिंग प्लेटफार्म सालों से टूटा है। इससे बसों को रिपेयर करने में कर्मचारियों को दिक्कत होती है। महीनों से डीजल पंप भी खराब है। राप्तीनगर डिपो कार्यशाला के सीनियर फोरमैन अजय सहाय ने बताया कि कार्यशाला की समस्याओं के संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा जा चुका है, बावजूद इसके समाधान नहीं हो रहा है।
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