कैंट पुलिस ने फर्जी एग्रीमेंट के जरिये दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोपी एक बिल्डर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजघाट इलाके के पिछौरा हरदिया निवासी आशुतोष मिश्रा के रूप में हुई है। कैंट पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गायत्रीनगर कुनराघाट निवासी ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कैंट थाने में दी तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गोरख मिश्रा ने स्वयं को उनका रिश्तेदार बताते हुए बीपी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर आशुतोष मिश्रा से मिलवाया। इसके बाद आशुतोष मिश्रा ने मोहद्दीपुर स्थित करीब 3200 वर्ग फीट भूमि का बिल्डर्स एग्रीमेंट दिखाया और आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने 50 प्रतिशत हिस्से के लिए अनुबंध करने का प्रस्ताव रखा।
आरोप है कि आशुतोष मिश्रा ने कैंट के मोहद्दीपुर निवासी भूमि स्वामी रमाकांत पांडेय के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त सहमति पत्र दिखाकर उन्हें विश्वास में लिया। इसी फर्जी सहमति के आधार पर 18 अगस्त 2023 को उपनिबंधक कार्यालय में विधिवत पंजीकृत अनुबंध करा लिया गया।
अनुबंध के बाद आशुतोष मिश्रा और उसके सहयोगी अशोक यादव ने अलग-अलग तिथियों में चेक, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से कुल 1.65 करोड़ रुपये वसूल लिए। वहीं भूमि स्वामी रमाकांत पांडेय ने भी 10 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये लिए। इसके अतिरिक्त गोरख मिश्रा ने ब्लैकमेलिंग करते हुए करीब 40 लाख रुपये अलग से ऐंठ लिए।
जब पीड़ित ने भूमि स्वामी रमाकांत से सीधे संपर्क किया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की सहमति या हस्ताक्षर से साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद साजिश के तहत 23 दिसंबर 2022 का मूल बिल्डर्स एग्रीमेंट 21 अक्तूबर 2024 को निरस्त करा दिया गया, जिससे पीड़ित पूरी तरह ठगा हुआ महसूस करने लगा।
विरोध पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और हत्या कराने की धमकी दी। यहां तक कि आशुतोष मिश्रा और गोरख मिश्रा अपने साथ अराजकतत्वों को लेकर सिविल लाइंस स्थित पीड़ित के कार्यालय पहुंचे और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि मुख्य आरोपी आशुतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। उसके अन्य साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।