बुढ़वा मंगल का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। श्रद्धालु महायोगी बाबा गोरखनाथ को ब्रह्म मुहूर्त से खिचड़ी चढ़ाएंगे। सुबह 4 बजे से खिचड़ी चढ़ाने का क्रम शुरू होगा, जो पूरे दिन चलेगा।
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि मान्यता है कि बुढ़वा मंगल के दिन खिचड़ी चढ़ाना उतना ही पुण्यकारी होता है, जितना मकर संक्रांति के दिन। इस दिन दूरदराज से श्रद्धालु गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। ऐसे श्रद्धालु जो मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी नहीं चढ़ा पाते, वे बुढ़वा मंगल के दिन का इंतजार करते हैं।
देश के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल से आए श्रद्धालु भी इस दिन बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ा दर्शन एवं पूजन कर पुण्य कमाते हैं।
मेले में भी रहेगी भीड़
मकर संक्रांति से गोरखनाथ मंदिर में शुरू होने वाले खिचड़ी मेले में बुढ़वा मंगल के दिन शहर के लोगों की ज्यादा भीड़ होती है। ऐसा माना जाता है बुढ़वा मंगल के दिन गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने वालों में शहर के लोगों की भीड़ ज्यादा होती है। ऐसे में बाबा को खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालु मेले का लुप्त भी लेंगे।