फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget2023: लोक लुभावन के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाला हो सकता है बजट

Tue, 31 Jan 2023 02:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

बजट के लोक लुभावन होने की भी उम्मीद है क्योंकि सरकार की कोशिश इस बजट से सभी को खुश करने की भी होगी। किया जाए। जहां महंगाई के बोझ से परेशान मध्यम वर्ग को बजट में राहत की उम्मीद है, वहीं टैक्स के बोझ तले दबे वेतनभोगी वर्ग को उम्मीद है कि वित्त मंत्री इनकम टैक्स में राहत देकर उनके दर्द को थोड़ा कम करेंगी।
विज्ञापन
Budget 2023 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम बजट पेश होने में बस एक दिन रह गया है। इस बार आम बजट से देश के सभी वर्गों के लोगों को काफी उम्मीदें बंधी हुई हैं। वहीं लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार के लिए भी यह बजट काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में बजट के लोक लुभावन होने की भी उम्मीद है क्योंकि सरकार की कोशिश इस बजट से सभी को खुश करने की भी होगी। किया जाए। जहां महंगाई के बोझ से परेशान मध्यम वर्ग को बजट में राहत की उम्मीद है, वहीं टैक्स के बोझ तले दबे वेतनभोगी वर्ग को उम्मीद है कि वित्त मंत्री इनकम टैक्स में राहत देकर उनके दर्द को थोड़ा कम करेंगी। वहीं, विशेषज्ञों की राय में इस बार के बजट में न सिर्फ लोक लुभावन कदम उठाए जा सकते हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने संबंधी कई अहम फैसले लिए जाएंगे।

विज्ञापन


गोरखपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र शिक्षक प्रो. संदीप कुमार दीक्षित ने कहा कि बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूती और गति देने के लिए वित्तीय प्रबंधन के कुशल उपाय हो सकते हैं। निवेश में बढ़ोतरी, निजी निवेश तथा छोटी बचत योजनाओं को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में अधिक आवंटन भी मिल सकता है।

कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सड़क और ऊर्जा जैसे आधारभूत संरचना में वृद्धि एवं विस्तार की योजनाएं हो सकती हैं। उद्योग व्यापार जगत को और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की योजनाएं जैसे अनुदान कर में छूट, युवकों में स्वरोजगार प्रोत्साहित करने के लिए कृषि आधारित उद्योगों जैसे खाद्य प्रसंस्करण आदि को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विज्ञापन


चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल ने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से इनकम टैक्स स्लैब में कोई विशेष परिवर्तन नहीं किया गया जबकि मुद्रास्फीति की दर में बढ़ोतरी हुई है। इसको ध्यान में रखते हुए टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाया जा सकता है। कोरोना के कारण सभी लोगों का स्वास्थ्य संबंधी खर्चे में काफी इजाफा हुआ और बीमा प्रीमियम भी बढ़ गया। ऐसे में सरकार  मेडिकल बीमा प्रीमियम की छूट सीमा में भी बढ़ोतरी कर सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए हाउसिंग लोन की छूट सीमा को बढ़ाई जा सकती है। नए स्टार्टअप और छोटे उद्यमी के लिए व्यापार करने को आसान बनाने में विभिन्न अधिनियमों के कंप्लायंस से छूट दी जाए।

चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहित अग्रवाल ने कहा कि बजट में मुख्य रूप से टैक्स स्लैब में बदलाव हो सकता है। जिसकी लिमिट ढाई लाख रुपये है उसको बढ़ाकर चार लाख किया जा सकता है। इसके अलावा कैपिटल गेन टैक्स में भी बदलाव हो सकता है। अगर किसी की इनकम पांच लाख रुपये है तो टैक्स शून्य होता है, लेकिन आय पांच लाख एक रुपये होने पर टैक्स 12500 देना होता है। इसलिए इस बजट में मार्जिन अल रिलीफ की व्यवस्था आ सकती है। जीएसटी के अंतर्गत नियमों का सरलीकरण एवं जीएसटी विभाग द्वारा अनुचित जारी किए जा रहे नोटिसों पर अंकुश लगाए जाने के प्रावधान की संभावना है। कम्पनी अधिनियम के अंतर्गत छोटी कंपनियों को और छूट प्रदान की जा सकती है।
विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें