फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Union Budget 2021: व्यापारियों ने आम बजट का किया स्वागत, बोले- पूरे साल काम रहा बंद, ज्यादा की उम्मीद बेमानी

Mon, 01 Feb 2021 07:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
बजट 2021 - फोटो : PTI
विज्ञापन

व्यापारी वर्ग ने आम बजट का स्वागत किया। उनका मानना है कि पूरे साल देश के विभिन्न सेक्टर में काम बंद रहे। ऐसे में सरकार के लिए बहुत कुछ कर पाना संभव नहीं था। अभी उम्मीदें बहुत हैं पर सरकार पर बजट के साथ विभिन्न जिम्मेदारियां भी हैं।

विज्ञापन


एमएसएमई के उत्थान के लिए विशेष पैकेज
एडी मॉल के निदेशक नीरज दास ने कहा कि बजट में एमएसएमई के उत्थान के लिए विशेष पैकेज है। जीएसटी में सुधार की जरूरत है। शहरों में मेट्रो योजना के विस्तार की उम्मीद है। उम्मीद है सरकार की मंशा इसी माध्यम से सुविधा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराने की हो। 

बुजुर्गों के लिए बजट अच्छा
ओरियन मॉल के निदेशक अमित टेकरीवाल ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती छाई है। लोगों को कर में राहत देने की जरूरत थी। हालांकि 75 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए छूट दी गई है। इसके अलावा जीएसटी की कर दरों में भी सुधार लाने की आवश्यकता है। इससे फंसे माल और सेवा कर की अदायगी भी हो सकेगी।
विज्ञापन


 

Trending Videos

आयकर की दरों को घटाने की जरूरत

बिग शॉप के निदेशक विकास अग्रवाल ने कहा कि व्यक्तिगत आयकर की दरों को घटाने की जरूरत थी। इससे लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा आता तो वह ज्यादा खर्च करते। इससे व्यापार को फायदा होता। हालांकि आर्थिक विकास की दर बढ़ेगी। डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को भी समाप्त करना चाहिए था।

स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी
राय ग्रुप के निदेशक रमाकांत राय ने कहा कि आम हो या खास बजट से सभी को उम्मीद रहती है। तीन सालों से बजट में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। कोरोना के बाद इस समय मध्य वर्ग की खरीदारी का ग्राफ काफी घटा है। हालांकि इस क्षेत्र के लिए 35 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। उम्मीद है स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो जाएंगी। मध्य वर्ग को इनकम टैक्ट में कुछ राहत देने की जरूरत थी। 

टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी करनी चाहिए
वैल्यू प्लस के निदेशक गौरांग अग्रवाल ने कहा कि सरकार को टैक्स स्लैब बढ़ाना चाहिए था। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि कई जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। जब इनकम टैक्स देते हैं, तो फिर अलग-अलग तरह का टैक्स क्यों लिया जाता है? दोहरा या तिहरा टैक्स क्यों थोपा जा रहा है? इस पर सरकार को विचार करने की जरूरत है। अलग-अलग वर्गों में कुछ लाभ देने की योजनाएं शुरू करनी चाहिए। 

 
विज्ञापन

आम आदमी के लिए विशेष होना चाहिए बजट

संगम साड़ी सेंटर के निदेशक प्रदीप टेकरीवाल ने कहा कि बजट आम आदमी के लिए विशेष होना चाहिए। सरकार ने बिजली क्षेत्र पर अपनी योजनाएं स्पष्ट कर दी हैं। कंपनियों से बिजली लोगों को ही खरीदनी होगी। साथ ही प्रीपेड मीटर पर जोर दिया गया है। हालांकि, सरकार ने बुजुर्गों के हित की सोची है।

इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा
ड्रेस लैंड के निदेशक आकाश अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के बाद स्वास्थ्य सेक्टर में लंबी उछाल आई है। उम्मीद है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं कोे लिए लोगों को बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जरूरत है देश में पढ़ाई के साथ अच्छे अस्पताल हों, ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा और शिक्षा मिल सके।

स्क्रैप योजना से लाभ मिलेगा
हुंडई शोरूम के निदेशक धीरज दास ने कहा कि  15 वर्ष पुरानी गाड़ियों पर स्क्रैप योजना शुरू की गई है। ठीक ही है, प्रदूषण बहुत हद तक नियंत्रित हो सकता है। साथ ही गाड़ी या अन्य ऑटोमोबाइल में बड़ी योजना या छूट नहीं मिली है। हालांकि दामों में बहुत उछाल भी नहीं आया है कि लोगों को वाहन खरीदने में परेशानी हो।

कोरोना की स्थायी रोकथाम के लिए बजट जरूरी था
डीपी हीरो मोटो कार्प के निदेशक नितिन मातनहेलिया ने कहा कि उम्मीद थी कि स्वास्थ्य सेक्टर पर सरकार अधिक ध्यान देगी। हुआ भी ऐसा ही। टीकाकरण के लिए सरकार ने 35 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाने की बात कही है। कुल मिलाकर इस बार का बजट पूरी तरह कोरोना टीकाकरण को दिया जाए तो ठीक रहेगा। इसी की जरूरत थी।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें