बहुजन समाज पार्टी ने पूर्व आयकर आयुक्त डॉ. राम समुझ को बांसगांव (सुरक्षित) लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। गोरखपुर के एक मैरिज हॉल में डॉ भीम राव आंबेडकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य सेक्टर प्रभारी सुधीर कुमार भारती यह घोषणा की।
डॉ. राम समुझ सपा से चुनाव की तैयारी में थे, लेकिन गठबंधन में यह सीट कांग्रेस में खाते में चली गई और इसके बाद उन्होंने बसपा से टिकट हासिल किया है। वे इससे पहले बसपा से खजनी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।
गोला इलाके के गोपालपुर निवासी डॉ राम समुझ ने दिसम्बर 2008 में दिल्ली से आयकर आयुक्त पद से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर राजनीति में कदम रखा। पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन किया। 2009 में वे बांसगांव लोकसभा से तैयारी कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिला।
फिर वे बसपा में चले गए और 2012 में खजनी विधानसभा से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े, हालांकि वे चुनाव हार गए। 2019 में बसपा ने बांसगांव लोकसभा से प्रत्याशी बनाने का भरोसा दिया था पर सपा-बसपा गठबंधन में वे फिट नहीं बैठे। उसके बाद डा. रामसमुझ ने 2019 में एक बार फिर संसदीय बोर्ड की पहल पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
2022 में वे सपा में आ गए। इस बार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे थे और प्रचार-प्रसार भी करने लगे थे। जब यह सीट गठबंधन में कांग्रेस के खाते में चली गई तो उन्होंने हाल में ही बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। उन्हें टिकट का भरोसा मिला। रविवार को डॉ आंबेडकर जयंती के दिन डॉ रामसमुझ के टिकट की घोषणा की गई है।
डा. राम समुझ ने कहर कि वह मुद्दों के आधार पर जनता के बीच जाएंगे। लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई-बेरोजगारी, भाईचारा और बंधुत्व उनका मुद्दा होगा।लोकतंत्र आज खतरे में है उसे बचाना आवश्यक है। बांसगांव में तीन बार से भाजपा सांसद को लोग देख रहे हैं, कांग्रेस प्रत्याशी भी तीन बार लड़ चुके हैं। विधायक व मंत्री भी रहे हैं। ऐसे में परिवर्तन जरूरी है, जनता के पास अपनी अर्जी लेकर जाउंगा।