बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैयार हुई बॉयोसेफ्टी लैब का क्षेत्रफल करीब 2200 स्क्वायर फीट है। यह सूबे की सबसे बड़ी बीएसएल-थ्री लैब है। इसमें कोबॉस मशीन जल्द ही लगेगी। इसका ऑर्डर भी दिया जा चुका है। अक्तूबर माह में कोबॉस मशीन आने की उम्मीद है। कोबॉस मशीन की खासियत यह है कि एक बार में 1000 सैंपल की जांच चार घंटे में होगी। इसे जर्मनी की कंपनी बनाती है। इसके अलावा लैब में आरटी-पीसीआर मशीन भी लगेगी।
दो दर्जन से अधिक जानलेवा वायरस पर होगा शोध
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि यह लैब कई मायनों में खास है। इस लैब में येलो फीवर वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, कोरोना वायरस, स्वाइन फ्लू वायरस और मर्स वायरस पर रिसर्च हो सकेगा। उनकी जांच व पहचान भी यहां होगी। इसके अलावा टीबी पर भी यहां रिसर्च किया जा सकता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए बीएसएल थ्री लैब बेहद अहम साबित होगी। इसे भविष्य की जरूरत को देखकर तैयार किया गया है। पूर्वी यूपी में कई प्रकार के वायरसों का प्रकोप रहता है। इस लैब में इनके बारे में शोध हो सकेगा। इससे कोरोना जांच की क्षमता भी बढ़ेगी।