-नास्ते के हर आइटम पर 15 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी ,मिठाई का दाम भी 50 रुपये किलो बढ़ेगा
- रेस्टोरेंट संचालकों व मिठाई दुकानदारों का कहना, खर्च निकालना हो गया है मुश्किल, घाटे से बचने को दाम बढ़ाना जरूरी
-महंगाई का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा
गोरखपुर। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने का असर अब खानपान के सामानों पर पड़ने वाला है। इससे आम लोगों की जेब ज्यादा ढीली होगी। शहर के गई रेस्टोरेंट में रविवार से नाश्ता-भोजन के प्रत्येक आइटम पर 15 से 20 रुपये ज्यादा लगेंगे। वहीं, मिठाई भी 50 रुपये किलो महंगी हो जाएगी। संचालकों का कहना है कि अगर दाम नहीं बढ़ाएंगे तो सिर्फ लागत ही निकल पाएगी।
चटोरी गली में रेस्टोरेंट संचालक अमन यादव ने बताया कि सभी दुकानदारों ने एक मीटिंग की है जिसमें में रविवार से प्रत्येक आइटम पर 15 से 20 रुपये तक दाम बढ़ाने पर सहमति बनी है। अब मेन्यू में दाम बढ़ा कर लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट में पहले जहां 40 प्रकार के आइटम बनाए जाते थे, वहीं अब लागत बढ़ने के कारण 15 आइटम बंद करने पड़े हैं। फिलहाल 25 आइटम ही उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि रोजाना दो से तीन सिलिंडर की खपत हो रही है, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्रति आइटम 15 से 20 रुपये तक कीमत बढ़ाने की सहमति बनी है।
रेस्टोरेंट संचालक विनोद यादव ने बताया कि कामर्शियल गैस सिलिंडर महंगा होने के चलते कोयला और डीजल भट्ठी का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन इससे पूरी राहत नहीं मिल रही। 20 आइटम गैस पर बनाए जाते हैं,भट्ट्ठी पर बनाने में समय ज्यादा लग रहा है। शास्त्री चौक स्थित मिठाई दुकान की प्रोपराइटर शकुन अग्रवाल ने बताया कि दूध से बनने वाली मिठाइयों में गैस की खपत अधिक है। अब सिलिंडर का दाम बढ़ने से लागत बढ़ गई है। प्रतिदिन आठ से 10 सिलिंडर खर्च हो जाते हैं। अब प्रत्येक मिठाई पर 40 से 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
शहर के पार्क रोड स्थित होटल संचालक अश्वनी गुप्ता और महाबीर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि एक-दो दिन स्थिति पर नजर रखी जाएगी, लेकिन यदि कीमतें कम नहीं हुईं तो खाने के दामों में बढ़ोतरी की जाएगी। कोई भी व्यवसाय घाटे में नहीं चल सकता, मौजूदा हालात में लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।