प्रदेश के पुराने छह मेडिकल कॉलेजों में बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थिति काफी हद तक सुधरी है। इस वर्ष सितंबर और अक्तूबर में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा इंतजाम के आधार पर बीआरडी को प्रदेश में दूसरी रैंक मिली है।
यह रैंकिंग प्रदेश के छह पुराने मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा इंतजामों को देखकर दी गई है। रैंकिंग शासन ने कराई है। इसमें ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी और मरीजों के अस्पताल से एब्सकांड होने के आंकड़े देखे गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में शासन ने प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा और झांसी के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के इलाज के इंतजाम की रैंकिंग जारी की है। इसमें बीआरडी में दो माह में औसतन ओपीडी 61,388, आईपीडी 7,055, सर्जरी 1,006 हुई है। इस दौरान 300 मरीज एब्सकांड हुए। इसमें बीआरडी को 47 अंक मिले हैं।
सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की है। उसे 47 अंक मिलने के बाद भी पहली रैंक मिली है। वहीं, कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को तीसरी, मेरठ स्थित एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज को चौथी, आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज को पांचवीं और झांसी स्थित एमएलबी मेडिकल कॉलेज को छठी रैंक मिली है।
प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि जुलाई-अगस्त की रैंकिंग में बीआरडी को चौथा स्थान मिला था। इसके बाद से इलाज व्यवस्था में सुधार किया गया, जिसका असर यह हुआ है कि प्रदेश में इस बार दूसरा स्थान मिला है। लक्ष्य है कि अगली बार प्रदेश में पहला स्थान मिले। इसे लेकर डॉक्टरों को निर्देश भी दिए गए हैं।