बीआरडी स्थित 500 शैया युक्त बाल रोग चिकित्सालय संस्थान।
- फोटो : अमर उजाला।
लोकार्पण के सप्ताह भर बाद मंगलवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित बाल रोग संस्थान में बने 300 बेड के कोविड अस्पताल में मरीज भर्ती किए जाने लगे। पहले दिन करीब 10 मरीजों का इलाज शुरू हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात सितंबर को इसका लोकार्पण कर दिया था, मगर कुछ काम अधूरे होने से मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे थे। अमर उजाला ने 15 सितंबर के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मंगलवार की देर रात ऑनलाइन हुई बैठक में कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को हिदायत दी कि किसी भी दशा में बिना इलाज के कोई भी कोविड मरीज लौटना नहीं चाहिए। कोविड अस्पताल में हर मरीज का इलाज सुनिश्चित किया जाए। बैठक में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, सीईओ गीडा संजीव रंजन, अपर निदेशक स्वास्थ्य, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य तथा राजकीय निर्माण निगम के जीएम मौजूद रहे।
बैठक के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव एवं इलाज की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि हमें टीम भावना से कार्य करके कोरोना के मरीजों के जीवन की रक्षा करनी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि कितने कोविड मरीज भर्ती हैं और कितने बेड खाली है उसकी सूचना उपलब्ध कराएं।
कमिश्नर ने कहा कि लेबल-3 के चिकित्सालय को और बेहतर बनाने में प्रशासन, बीआरडी मेडिकल कॉलेज का पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कोविड अस्पताल में आक्सीजन की उपलब्धता, भर्ती कोविड मरीजों आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने के साथ ही कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।