देवरिया से अपने पति के साथ आई महिला ने बताया कि रात में आग बुझने के बाद बेड पाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। नए वार्ड में आवंटित बेड को खोजने में ही कई घंटे लग गए।
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वार्ड को दोबारा सक्रिय होने में लगेंगे महीना भर
आग लगने से मेडिसिन विभाग का कमरा पूरी तरह से काला पड़ गया है। वार्ड को दोबारा भर्ती लायक बनाने में महीना भर का वक्त लग जाएगा। जबकि मेडिसिन विभाग में हर दिन करीब 150 मरीज आते हैं।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आग लगने से कमरों से अधिक क्षति गैलरी में हुई है। हालांकि धुआं भरने से कमरा भी काला पड़ गया है। रंगाई-पुताई के बाद वार्ड को फिर सक्रिय करने में महीने भर का वक्त लग सकता है। कितना नुकसान हुआ है, इसका पता जांच कमेटी की रिपोर्ट आन के बाद ही चलेगा।