मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. गणेश कुमार का कहना है कि आग लगने के दौरान जिस मरीज की मौत की बात कही जा रही है, उन्हें पहले से कई बीमारियां थीं और वह गंभीर अवस्था में थे। दूसरी बात यह है कि आग वार्ड 14 में लगी थी, जबकि वे वार्ड नौ में भर्ती थे। यह संयोग है कि घटना के समय उनकी मौत हो गई।
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बृहस्पतिवार को लखनऊ में दो दिन की ट्रेनिंग में शामिल होने गए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार लौट आए हैं। शुक्रवार को प्राचार्य ने वार्ड 14 का निरीक्षण करने के बाद विभागाध्यक्षों के साथ आपात स्थिति से निपटने के उपायों पर चर्चा की।
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घटना के वक्त अग्निशमन उपकरणों के चालू हालत में नहीं होने के सवाल पर प्राचार्य ने बताया कि सभी उपकरण पूरी तरह से सक्रिय हैं। फिर भी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे दोबारा सारे अग्निशमन उपकरण व आपात स्थिति से निपटने के उपायों की जांच कर लें। अगर कोई कमी है तो उसे दुरुस्त कर लें।