गोरखपुर। हांसूपुर मोहल्ला निवासी 71 वर्षीय रामचंद्र मौर्य का पार्थिव शरीर उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया गया। वह जिला सहकारी बैंक से सेवानिवृत्त थे। अब उनके मृत शरीर से डॉक्टर पढ़ाई करेंगे।
बताया जा रहा है कि रामचंद्र मौर्य ने 27 नवंबर 2025 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में देहदान से संबंधित घोषणा पत्र भरा था। 10 मई को उनकी मृत्यु के बाद परिवार के लोगों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान की प्रक्रिया पूरी कराई। छोटे भाई राम नरेश और उमेश मौर्य के साथ पुत्र ओपी मौर्य, अशोक मौर्य एवं अन्य रिश्तेदारों ने 11 मई को पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंपा।
परिजनों ने बताया कि रामचंद्र मौर्य हमेशा अपने देहदान की चर्चा किया करते थे और अंतिम समय में भी अपने भाई से इस वादे को पूरा करने की बात कही थी। एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. बिंदु सिंह ने देहदान की प्रक्रिया पूरी कराई।
प्रधानाचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में शोध और शरीर रचना की पढ़ाई के लिए मानव शरीर बेहद उपयोगी होता है। एनाटॉमी विभाग में अब तक 174 लोगों ने देहदान का घोषणा पत्र भरा है, जबकि मृत्यु के बाद आठ लोगों के शरीर विभाग को प्राप्त हो चुके हैं।