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कोरोना वायरस के जीन में बदलाव पर शोध करेंगे बीआरडी और डीडीयू

Tue, 22 Dec 2020 04:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग और दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की जूलॉजी विभाग की टीमें कोरोना वायरस के जीन में बदलाव पर शोध करेंगी। इसकी तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं। 500 सैंपल पर टीम शोध करेगी। इसमें सभी उम्र के सदस्यों के सैंपल को शामिल किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी 50 सैंपल से हो चुकी है। इन सैंपलों को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखा जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक पूर्वांचल में कोरोना के वायरस का असर दिल्ली और मुंबई की तुलना में काफी कम रहा है। पूर्वांचल के जिलों में मृत्यु दर भी कम रही है। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी और डीडीयू की जूलॉजी टीम ने वायरस की संरचना और उसके जीन में बदलाव का पता लगाने के लिए शोध का फैसला लिया है। इसके लिए हर वर्ग के लोगों के सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। जिससे की यह पता लग सके कि किस आयु वर्ग पर वायरस का असर अधिक रहा है। किस पर कम।
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माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखे जा रहे सैंपल

मेडिकल कॉलेज के डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि सभी सैंपल माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखे जा रहे हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद से इस पर जूलॉजी विभाग की टीम के साथ रिसर्च किया जाएगा। रिसर्च में इस बात की जानकारी की जाएगी कि आखिर वायरस का असर किन लोगों पर ज्यादा रहा। कौन से ग्रुप को वायरस ने अधिक नुकसान पहुंचाया।

पांच सदस्य टीम में शामिल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी, डॉ. विवेक सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी अंकुर कुमार, डीडीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार, रिसर्च स्कॉलर डीडीयू सूरज कुमार शामिल हैं।

मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि पहली बार मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग और गोरखपुर विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग की टीम कोरोना वायरस पर शोध करेगी। इसकी तैयारियां शुरू हो र्गइं है। 50 से अधिक सैंपल इकट्ठा भी किए जा चुके हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद हर आयु वर्ग के लोगों पर वायरस के असर पर शोध किया जाएगा।
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