बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग और दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की जूलॉजी विभाग की टीमें कोरोना वायरस के जीन में बदलाव पर शोध करेंगी। इसकी तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं। 500 सैंपल पर टीम शोध करेगी। इसमें सभी उम्र के सदस्यों के सैंपल को शामिल किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी 50 सैंपल से हो चुकी है। इन सैंपलों को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक पूर्वांचल में कोरोना के वायरस का असर दिल्ली और मुंबई की तुलना में काफी कम रहा है। पूर्वांचल के जिलों में मृत्यु दर भी कम रही है। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी और डीडीयू की जूलॉजी टीम ने वायरस की संरचना और उसके जीन में बदलाव का पता लगाने के लिए शोध का फैसला लिया है। इसके लिए हर वर्ग के लोगों के सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। जिससे की यह पता लग सके कि किस आयु वर्ग पर वायरस का असर अधिक रहा है। किस पर कम।