फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस के जीन में बदलाव की जानकारी करेगा बीआरडी और डीडीयू, जानिए कैसे

Wed, 20 Jan 2021 06:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज का माइक्रोबॉयोलॉजी और दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की जूलॉजी विभाग की टीम कोरोना वायरस के जीन में बदलाव पर शोध करेगा। इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई है। 500 सैंपल पर टीम शोध करेगी। इसमें सभी उम्र के सदस्यों का सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भी 250 से अधिक सैंपल से हो चुकी है। इन सैंपलों को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखा जा रहा है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस पर पूरी दुनिया भर में शोध चल रहे हैं। लेकिन वायरस के संरचना और स्वरूप को लेकर अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है। यही वजह है कि अलग-अलग देशों में वायरस का प्रभाव अलग-अलग रहा है। पूर्वांचल की बात करें तो वायरस का असर दिल्ली और मुंबई की तुलना में काफी कम रहा है।

पूर्वांचल के जिलों में मृत्यु दर भी बेहद कम रहे हैं। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी और डीडीयू की जूलॉजी टीम ने वायरस के संरचना और उसके जीन में बदलाव होने वाले लक्षणों का पता लगाने के लिए शोध का फैसला लिया है। इसके लिए हर वर्ग के लोगों के सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। जिससे की यह पता लग सके कि किस आयु वर्ग पर वायरस का असर अधिक रहा है। किस पर कम।
विज्ञापन



 

विज्ञापन

माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखे जा रहे सैंपल

डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि सभी सैंपल माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखे जा रहे हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद से इस पर जूलॉजी विभाग की टीम के साथ रिसर्च किया जाएगा। रिसर्च में इस बात की जानकारी की जाएगी कि आखिर वायरस का असर किन लोगों पर ज्यादा रहा। कौन से ग्रुप को वायरस ने अधिक नुकसान पहुंचाया।

पांच सदस्यीय लोग हैं टीम में शामिल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी, डॉ विवेक सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी अंकुर कुमार, डीडीयू यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुशील कुमार, रिसर्च स्कॉलर डीडीयू सूरज कुमार।

इन आयु वर्ग के लोगों पर किया जाएगा शोध
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि हर आयु वर्ग के लोगों पर शोध किया जाएगा। इसमें 0-10 वर्ष, 10-20, 20-40, 40-60 और 60 वर्ष के ऊपर आयु वर्ग के लोगों का सैंपल इकट्ठा किया जाएगा।

विभागाध्यक्ष माइक्रोबॉयोलॉजी डॉ. अमरेश सिंह ने कहा कि पहली बार माइक्रोबॉयोलॉजी और डीडीयू जूलॉजी विभाग की टीम कोरोना वायरस पर शोध करेगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। 250 से अधिक सैंपल इकट्ठा भी किए जा चुके हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद हर आयु वर्ग के लोगों पर शोध किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें