डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि सभी सैंपल माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखे जा रहे हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद से इस पर जूलॉजी विभाग की टीम के साथ रिसर्च किया जाएगा। रिसर्च में इस बात की जानकारी की जाएगी कि आखिर वायरस का असर किन लोगों पर ज्यादा रहा। कौन से ग्रुप को वायरस ने अधिक नुकसान पहुंचाया।
पांच सदस्यीय लोग हैं टीम में शामिल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी, डॉ विवेक सिंह, माइक्रोलॉजिस्ट बीआरडी अंकुर कुमार, डीडीयू यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुशील कुमार, रिसर्च स्कॉलर डीडीयू सूरज कुमार।
इन आयु वर्ग के लोगों पर किया जाएगा शोध
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि हर आयु वर्ग के लोगों पर शोध किया जाएगा। इसमें 0-10 वर्ष, 10-20, 20-40, 40-60 और 60 वर्ष के ऊपर आयु वर्ग के लोगों का सैंपल इकट्ठा किया जाएगा।
विभागाध्यक्ष माइक्रोबॉयोलॉजी डॉ. अमरेश सिंह ने कहा कि पहली बार माइक्रोबॉयोलॉजी और डीडीयू जूलॉजी विभाग की टीम कोरोना वायरस पर शोध करेगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। 250 से अधिक सैंपल इकट्ठा भी किए जा चुके हैं। करीब 500 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इसके बाद हर आयु वर्ग के लोगों पर शोध किया जाएगा।