गोरखपुर। दुनियां की हर भाषा को ब्रेल लिपि में लिपिबद्ध किया जा सकता है। यही वजह है कि यह दिव्यांगों के जीवन में वरदान साबित हो रही है।
ये बातें गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजीत जायसवाल ने कहीं। वह रविवार को स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज, लालडिग्गी में लुई ब्रेल की 217वीं जयंती पर आयोजित दिव्यांग प्रतिभा खोज सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लुई ब्रेल के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कमलेश कुमार वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य लक्ष्मी शंकर जायसवाल ने कहा कि आवश्यकता के समय ब्रेल जैसी महान खोज जन्म लेती है। विशिष्ट अतिथि जैनेंद्र नाथ जायसवाल, डॉ. शिव शंकर शाही और डॉ. अमरनाथ ने प्रतिभाशाली दृष्टिदिव्यांग छात्रों का उत्साहवर्धन किया।