गोरखपुर के जटेपुर उत्तरी निवासी रूपचंद कनौजिया का शव कुवैत में ही दफना दिया गया। 30 अप्रैल को हार्ट अटैक से उनकी कुवैत में ही मौत हो गई थी। हालांकि उनके शव को सरकार की पहल पर भारतीय दूतावास की ओर से छह जून को भारत भेजने की तैयारी भी पूरी कर ली गई थी। अफसोस कि घर की मुश्किलें कम करने के लिए विदेश पहुंचे रूपचंद न खुद घर लौट सके और न उनका शरीर ही।
12 साल से रूपचंद कुवैत में एक लॉंड्री में काम कर रहे थे। 30 अप्रैल को हार्टअटैक से उनकी मौत वहीं पर हो गई। इसके बाद उनके परिवार ने भाजपा पार्षद ऋषि मोहन वर्मा के साथ दो मई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर प्रार्थना पत्र दिया था। पार्षद इस प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाए।