बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मजदूरों के खून बेचने वाले पूरे रैकेट को खोलने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरे और सीडीआर की मदद लेने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संपर्क साधा है। जल्द ही पुलिस, फुटेज और सीडीआर की मदद से पूरे नेटवर्क तक पहुंच जाएगी। हालांकि अभी पुलिस संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। खबर है कि उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने के बाद ही पुलिस उनकी गर्दन दबोचेगी, ताकि कार्रवाई पर कोई सवाल न उठने पाए।
जानकारी के मुताबिक, महराजगंज के निवासी मजदूर गोरख के खून को बेचा गया था। उसकी शिकायत के बाद ही पुलिस ने खून माफिया तिवारीपुर के बिंद तोला निवासी वसील खान व एजेंट महराजगंज के फरेंदा निवासी केशर देव को गिरफ्तार किया था।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि पिछले छह महीने में 50 से ज्यादा लोगों को खून निकलवाकर दिया है। लेकिन वे कौन हैं और किसकी मदद से उन्हें स्वैच्छिक रक्तदाता बनाकर खून निकलवाकर बेच भी दिया गया, पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।