गोरखपुर जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ते ही हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ गए हैं। चिंता की बात यह है कि इसमें 30 से 40 साल के बीच के नौजवान भी शामिल हैं। अधिकांश को बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ी ठंड में लापरवाही भारी पड़ रही है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या भी इसका एक प्रमुख कारण है।
मिर्जापुर मोहल्ले का रहने वाला 18 वर्षीय नौजवान तीन दिन पहले अचानक चक्कर आने से गिर पड़ा। घरवाले अस्पताल ले गए तो पता लगा कि ब्लड प्रेशर 150 के पार पहुंच गया था। डॉक्टर ने दवा देने के साथ सर्दी से बचने की सलाह दी। एहतियात के तौर पर सिटी स्कैन और ईसीजी भी कराया। राहत की बात यह रही कि अन्य सारी रिपोर्ट नार्मल आईं।
गोरखनाथ इलाके का 40 वर्षीय युवक भी बुधवार की भोर में बाथरूम में बेहोश हो गया। घरवालों ने बाहर निकालकर बिस्तर पर लिटाया। करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई। जांच हुई तो ब्लड प्रेशर बढ़कर 160 हो गया था। जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता बताते हैं कि सर्दियां बढ़ते ही ऐसे मामलों में चार गुना वृद्धि हो गई है। ईसीजी कराई जा रही है। अधिकतर मामलों में ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश चंद्र शाही बताते हैं कि सर्दियों में नशें भी सिकुड़ने लगती हैं। अचानक तापमान कम होने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। कई लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से ही अनियमित होता है, लेकिन वे ध्यान नहीं देते। स्वास्थ्य ठीक होते ही दवा लेना बंद कर देते हैं। ऐसे लोगों के लिए बदला मौसम अधिक खतरनाक होता है।
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