भाजपा ने क्षेत्र पंचायत चुनाव से भले ही दूरी बनाई है लेकिन ब्लॉक प्रमुख अपना बनाने की कवायद में जुटी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जो प्रत्याशी जीतकर आएंगे, उनसे बातचीत की जाएगी। भाजपा समर्थित आसानी से तैयार हो जाएंगे। गोरखपुर क्षेत्र के 10 जिलों में 147 ब्लॉक हैं। गोरखपुर में एक ब्लॉक भर्रोहिया बढ़ा है। 2015 में इस क्षेत्र के 146 ब्लॉकों में चुनाव हुआ था।
ग्राम पंचायत चुनाव से दूर रहेगी पार्टी
गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ में 11339 ग्राम पंचायतें हैं। इनका चुनाव भी जिला पंचायत के साथ कराया जाएगा लेकिन भाजपा चुनाव से दूर रहेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक ग्राम पंचायत क्षेत्र से 15-20 उम्मीदवार खड़े होते हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी या समर्थित प्रत्याशी उतारा गया तो नाराजगी बढ़ेगी। इसका नुकसान आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में हो सकता है। ग्राम पंचायत की सर्वाधिक 1872 सीटें आजमगढ़ में तो 1354 सीटें गोरखपुर में हैं।
15 फरवरी तक चुनाव का एलान संभव
पंचायत चुनाव का एलान 15 फरवरी तक संभव है। इसकी तैयारी में राज्य निर्वाचन आयोग जुटा है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सीटों की संख्या तय हो गई है। जल्द ही आरक्षण तय हो जाएगा, फिर चुनाव की तारीखें तय की जाएंगी।
28 जनवरी से 3 फरवरी के बीच मंडल स्तरीय बैठकें
भाजपा की क्षेत्रीय और जिला इकाई ने पंचायत चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने सोमवार को बेनीगंज स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक भी की। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 28 जनवरी से तीन फरवरी के बीच मंडल स्तरीय बैठकें होंगी। गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल से जुड़े 10 जिलों में 286 मंडल हैं।