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जनप्रतिनिधियों का डर: फतेह बहादुर के बाद, अब मंत्री के बेटे व चौरीचौरा विधायक श्रवण निषाद ने बताया जान का खतरा

Sat, 20 Jul 2024 06:39 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

चौरीचौरा से भाजपा विधायक सरवन निषाद ने अपनी जान को खतरा बताने के साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि निषाद समाज को जोड़ने और उनके हक और अधिकारों की लड़ाई में लगातार हम लोग संगठन के कार्यों और अन्य गतिविधियों में पूरे देश व प्रदेश में भ्रमण करते हैं।
 
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विधायक के फेसबुक पर किया गया पोस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चौरीचौरा से भाजपा विधायक सरवन निषाद ने अपनी जान को खतरा बताने के साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि निषाद समाज को जोड़ने और उनके हक और अधिकारों की लड़ाई में लगातार हम लोग संगठन के कार्यों और अन्य गतिविधियों में पूरे देश व प्रदेश में भ्रमण करते हैं।

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ऐसे में सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसे हटाकर गोरखपुर जिला प्रशासन मनमानी कर रहा है। विधायक ने कहा कि जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। विधायक रविवार को मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। उन्होंने शनिवार दोपहर को फेसबुक वॉल पर अपनी सुरक्षा के मामले को पोस्ट किया। शाम को गोरखपुर आ गए।

अमर उजाला से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक कुमार जायसवाल से पिछले दिनों चौरीचौरा पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। राजनीति में केस दर्ज होते हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि वह अपराधी है।
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भाजपा नेता के कार्यालय में घुसकर पुलिस ने उन्हें अपराधी कहा है। यह कहीं से भी सही नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और कार्यकर्ताओं में निराशा होती है।

धमकी देना वाला शातिर अपराधी
भाजपा विधायक ने बताया कि सितंबर 2022 में शातिर धर्मवीर यादव ने जेल से फोन करके उनके समर्थक सुधीर साहनी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उनकी तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने हत्या के आरोप में बंद धर्मवीर के खिलाफ केस दर्ज किया था।

ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी गई। धर्मवीर को गोरखपुर और बेंगलूरू में हत्या के आरोप में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसे अब देवरिया जेल भेज दिया गया है। इसी तरह सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें धमकी देने वाला राकेश गोरखपुर जेल में बंद है। इन्हीं मामलों में पुलिस ने उन्हें दो अतिरिक्त गनर उपलब्ध कराया था। अब बिना कारण गनर को हटा लिया गया है।

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