पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के बेटे एवं कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह द्वारा जान का खतरा बताए जाने की शिकायत के बाद पुलिस के साथ ही एसओजी और एसटीएफ की टीम सक्रिय हो गई है।
सूत्रों के अनुसार एसओजी टीम ने पीपीगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला यादव से करीब तीन घंटे पूछताछ की और फिर उसे छोड़ दिया। वहीं, कई शातिर अपराधियों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है।
मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विधायक से भोला यादव के बीच लंबे समय से राजनीतिक विरोध चल रहा है।
चुनाव में हमेशा भोला यादव विधायक के खिलाफ फ्रंट पर रहते हैं। पिछले वर्ष पीपीगंज में मारपीट के एक मामले में आरोपी बनाए गए भोला यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम भी रखा था। इसके बाद भोला को पकड़कर पुलिस ने जेल भिजवाया था।
इस प्रकरण में प्रशासन द्वारा भोला यादव की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई थी। सूत्रों की मानें तो पीपीगंज के जिस हिस्ट्रीशीटर पर विधायक जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं, उसके द्वारा साजिश रचने की बात भी भोला यादव द्वारा ही वायरल किया गया है। इसलिए भोला यादव से पूछताछ की गई है। फिलहाल पूछताछ में एसओजी टीम को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
विधायक ने लगाया है आरोप
भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने साजिश करने वालों का नाम तो नहीं लिया, लेकिन दावा किया है कि एक हिस्ट्रीशीटर और उसके करीबियों को एक करोड़ की सुपारी दी गई है। उनके विरोधियों द्वारा हत्या की साजिश रची जा रही है।
मेरी जानकारी में यह बात 12 दिन पहले आई। विधायक का कहना है कि मामले की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ को भी दी गई है। अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले की जांच और साजिश की पर्दाफाश की मांग की गई है।