खुलेंगे 10 पंप, बिकेगी सीबीजी
सीबीजी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पंप खोले जाएंगे। पंपों को सीएनजी स्टेशन ही बोला जाएगा। आईओसी ने पंप लगाने का खाका तैयार कर लिया है। गोरखपुर में छह, बस्ती, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर में एक-एक पंप खोले जा रहे हैं।
सीएनजी से सस्ती होगी
धुरियापार में बनने वाली सीबीजी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) से सस्ती होगी। सीबीजी में मीथेन की मात्रा 94 फीसदी रहती है। इसकी मदद से चलने वाली गाड़ियों को सीएनजी से भी अच्छा माइलेज मिल सकता है।
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किसानों की आय के साथ खेत की बढ़ेगी उर्वरा शक्ति
गोबर, पुआल, गन्ना पेराई के बाद निकलने वाली खोइया व धान कुटाई के बाद निकलने वाली भूसी किसानों से खरीद कर बाॅयो गैस बनाई जाएगी। बाॅयो गैस बनने के बाद जो खाद निकलेगी, उसे किसान प्लांट से सीधे खरीद सकेंगे। इसकी कीमत सामान्य रहेगी। किसान खाद खरीदकर खेतों में डाल सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बेहतर होगी। फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
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एक नजर में
बाॅयो गैस प्लांट की लागत- 160 करोड़
क्षेत्रफल- 50 एकड़
उत्पादन- 28 टन प्रतिदिन
शिलान्यास- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 18 सितंबर 2019 को किया था।
आईओसी रीजनल मैनेजर गोरखपुर मुकेश कुमार ने कहा कि धुरियापार में कंप्रेस्ड बाॅयो गैस (सीबीजी) प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है। भारत सरकार की संयुक्त सचिव आकर निर्माण कार्य का जायजा ले चुकी हैं। जनवरी में इसके लोकार्पण की तैयारी है।