राजकुमार ने बताया कि वह बिहार में भी व्यापार के सिलसिले में जाते हैं। वहां पर वह सतर्क रहते हैं। बोले कि गोरखपुर में लगा कि उनके साथ कोई घटना नहीं होगी, इस वजह से थोड़ा निश्चिंत होकर रिक्शा पर बैठ गए और वारदात हो गई। गोरखपुर में इस तरह की घटना होने से राजकुमार आहत हैं।
गोलघर में वारदात कर बदमाशाें ने पुलिस को दी चुनौती
शहर के हृदय स्थली कहे जाने वाले गोलघर में वारदात कर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती दे दी है। बृहस्पतिवार को जिस तरह से बदमाश एक व्यापारी का बैग लेकर फरार हो गए, उस तरह की घटना दो साल बाद सामने आई है। बीच में टप्पेबाजी तो हुई, लेकिन दुस्साहसिक घटना नहीं हुई। इसके पहले 28 दिसंबर 2021 को पुलिस लाइंस के पास रिटायर अधिकारी से चार लाख की लूट हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, गोलघर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम माने जाते हैं। पुलिस लाइंस, अफसरों के आवास सब इसी इलाके में हैं, लेकिन इन सब के बीच जटेपुर चौकी से 400 मीटर की दूरी पर ही बदमाश वारदात कर फरार हो गए। व्यापारी राजकुमार का कहना है कि चौकी पर जाने पर अगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की होती तो शायद बदमाश पकड़ लिए जाते। लेकिन, पुलिस ने सीसीटीवी तक देखने की जहमत नहीं उठाई और फिर शाम को बुलाया गया।
शाम में जाने पर मामले में टालमटोल कर दी गई। गोलघर के सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे हैं और उससे पूरी सड़क दिखाई देती है। इन सब के बीच वारदात से शहर की सुरक्षा को बड़ा सवाल उठ रहा है।