कायाकल्प अवार्ड योजना के नोडल अधिकारी डॉ. नंद कुमार ने बताया कि कायाकल्प पुरस्कारों की ही देन है कि भटहट सीएचसी एनक्वास के प्रतिस्पर्धा में शामिल हो सकी। पूर्व में मिले पुरस्कारों के पैसे से भटहट सीएचसी में क्लिनिंग एरिया का विकास हुआ। हर्बल स्पेशल गार्डेन बनाया गया, जिसकी वजह से इसे इकोफ्रेंडली पुरस्कार भी मिला।
आडियो विजुअल सिस्टम लगाए गए और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगवाया गया है। इसी प्रकार पिपराइच सीएचसी में अवार्ड के पैसे से ब्लड स्टोरेज यूनिट बनाया गया है, जिससे मौके पर लोगों को ब्लड मिल जा रहा है। अवार्ड के पैसों से कुर्सी, मेज, भवन की मरम्मत जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के भी काम कराए गए हैं।
581 बिंदुओं पर हुआ मूल्यांकन
जिला प्रशासनिक कार्यक्रम सहायक (क्वालिटी एश्योरेंस) विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में फरवरी 2023 में 581 बिंदुओं पर सीएचसी का मूल्यांकन हुआ था। अक्टूबर 2022 में कुल 12 सीएचसी को आंतरिक मूल्यांकन के लिए चुना गया था, जिनमें से सिर्फ नौ सीएचसी पास हुईं। दिसबंर 2022 में नौ सीएचसी का पियर मूल्यांकन (मंडल स्तरीय मूल्यांकन) हुआ और उन्हीं का बाहर से आई टीम से भी मूल्यांकन करवाया गया। सीएचसी को पुरस्कार में मिली धनराशि का 75 फीसदी सीएचसी के विकास पर, जबकि 25 फीसदी कर्मचारी कल्याण जैसे पुरस्कार, समारोह आदि में खर्च किए जाएंगे।