उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के परशुरामपुर क्षेत्र में स्थित पौराणिक स्थल मखौड़ा धाम भगवान श्रीराम के जन्म का कारक स्थल है। इसी वजह से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्थल पर एक विशेष पौराणिक महत्व रखता है।
रामायण कालीन कथाओं के अनुसार अयोध्या के चक्रवर्ती राजा दशरथ को जब लंबे समय तक पुत्र प्राप्ति नहीं हुई तो उन्होंने अपने कुल गुरु वशिष्ठ से अपने मन की चिंता जताई। गुरु वशिष्ठ ने चक्रवर्ती सम्राट दशरथ से कहा कि पुत्र कामेष्ठी यज्ञ के द्वारा पुत्र की प्राप्ति हो सकती है। इस यज्ञ को संपन्न कराने का काम श्रृंगी ऋषि कर सकते हैं।
मान्यता है कि वशिष्ठ के आह्वान पर हिमालय में साधना लीन श्रृंगी ऋषि प्रकट हुए। जब महर्षि वशिष्ठ ने पुत्रेष्ठि यज्ञ के बारे में पूछा तो उन्होंने इसी स्थल का चुनाव किया। यहां यज्ञ संपन्न हुआ और यज्ञ संपन्न होने के कारण ही मख क्षेत्र के बाद कालांतर में मखौड़ा धाम के रूप में यह स्थान प्रतिष्ठित हुआ।