उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के महुली मार्ग से सोलहवें किलोमीटर पर विकास खंड बनकटी के बेहिल गांव में लगभग 150 वर्ष पुराना बाबा बेहिल नाथ का मंदिर अपने आप में सैकड़ों वर्षों का इतिहास समेटे है। यहां ईसा पूर्व पांचवीं सदी के मृदभांड (मिट्टी के बर्तन) के टुकड़े मिल चुके हैं। ऐसे में यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मंदिर कई सदी पुराना है।
पुजारी गिरिजेश गोस्वामी बताते हैं कि मेरे बाबा स्व. विशेश्वर गोस्वामी बताया करते थे कि वर्षों पूर्व यहां बहुत पतली आकार में शिवलिंग मिट्टी से निकले थे। बस्ती गजेटियर के अनुसार, बाबा बेहिल नाथ स्वयं में अनूठा शिवलिंग है। बाबा बेहिल नाथ मिट्टी के अष्टकोड़ीय अर्घें से प्राप्त हुए थे।
उस समय के तत्कालीन जमींदार वजीर सिंह शिवलिंग को खुदवा कर अपने गांव ले जाना चाहते थे। लेकिन 10 फीट खुदाई करने के बावजूद शिवलिंग के जड़ का पता नहीं चला सका। इस बीच खोदाई के दौरान मिट्टी से अधिसंख्य बिच्छू, सांप तथा अन्य जहरीले जीव निकलने लगे। जिससे भयभीत होकर जमींदार ने खोदाई बंद करवा दी। इससे स्थानीय और क्षेत्र के जनता की आस्था व विश्वास और बढ़ गया।