- दो दिन से बादल छाए रहने से हवा में नमी का स्तर बढ़ा
- मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बादल छाए रहने का जताया अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। रंगों की होली खेलने से पहले मंगलवार को मौसम का मिजाज कैसा रहेगा, यह जान लें। दो दिन से बादल छाए रहने से हवा में नमी का स्तर बढ़ गया है, जो ठंड का अहसास करा रहा है। हालांकि, होली के दिन मौसम साफ रहेगा। दिन के तापमान में वृद्धि होगी और हल्की ठंडी हवाओं का जोर भी रहेगा। ऐसे में रंगों की होली खेलते समय सतर्कता बरतने की जरूरत है, जिससे सेहत खराब न होने पाए।
मौसम विभाग की मानें तो गोरखपुर में होली वाले दिन यानी 26 मार्च को आसमान साफ रहेगा। हालांकि, कभी-कभी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। गोरखपुरवासी मंगलवार को सुहावने मौसम में होली के उत्सव का आनंद ले सकेंगे। होली के दिन केवल रंगों की बारिश होगी। दिन में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है, जो सामान्य के बराबर है। ऐसी कोई संभावना नहीं है कि 26 मार्च को मौसम का मिजाज बदलने से आनंद में खलल पड़ जाए। मौसम विभाग ने सोमवार की सुबह का न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं रविवार को दिन में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम है।
मौसम विभाग ने रविवार को हवा में नमी का स्तर 90 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मंगलवार को गोरखपुर में अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 जनवरी की रात एक और ताजा पश्चिम विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसका असर 29 मार्च तक बने रह सकता है। इस दौरान आंशिक रूप बादल छाए रहने का अनुमान है। हालांकि, इस दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, हवा की गति शांत से लेकर अधिकतम 15 किमी प्रति घंटे तक होने की उम्मीद है, जो अलग-अलग दिशाओं से धीमी गति से चलेगी।
फिजिशियन डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव ने मौसम के बदलते मिजाज को लेकर लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और दिन-रात के तापमान में काफी अंतर रहता है। ऐसे में लोगों को मौसम से खुद को बचाकर रखने की सलाह दी गई है। उन्होंने हवा में नमी के चलते रंगों की होली सावधानी पूर्वक खेलने की सलाह दी है। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना होगा। बुजुर्गों को हल्का अबीर-गुलाल लगा कर होली पर्व मना सकते हैं, उनको रंग लगाने से बचे।