गोरखपुर। पुरानी बाइक खरीद रहे हैं तो सजग हो जाएं। सस्ते के चक्कर में जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। बाइक चोरों ने गाड़ी बेचने का नया पैंतरा अपनाया है। वे बाइक चोरी करने के बाद उसे पुलिस की नीलामी में लेने का दावा कर बेच दे रहे हैं। बाइक नीलामी की होती है तो पैसे लेने के बाद एक महीने तक कागजात उपलब्ध होने की बात कहकर झांसे में ले लेते हैं। उधर, चोरी की बाइक की तलाश करते हुए पुलिस की गिरफ्त में आप आ जाएंगे। इस तरह के मामले पिछले दिनों सामने आए हैं। बाइक चोरों ने ही पूछताछ में इस तरह के खेल करने का खुलासा किया है।
जानकारी के मुताबिक, इस समय चोरी के वाहनों को बेचने के लिए बदमाशों ने नया तरीका अख्तियार कर लिया है। वह चोरी की बाइक को पुलिस की नीलामी की बताते हैं। फिर बाइक काे 15 से 20 हजार रुपये में बेच देते हैं। महंगे बाइक को सस्ते में पाकर कोई भी लालच में आ जाता है और आसानी से वह चोरी की बाइक को खपा देते हैं। बीते दिनों सिकरीगंज पुलिस चोरी की 13 बाइक को बरामद किया था। आरोपी खजनी के उनवल बाजार निवासी रमेश मौर्य ने पुलिस को बताया था कि वह बाइक को कुआनो नदी के किनारे छिपाकर रखता है, फिर लोगों को बताता था कि बाइक पुलिस की नीलामी की है। सस्ते दाम पर बाइक पाने की चाहत में लोग खरीद भी लेते थे। पकड़े जाने से एक दिन पहले उसने इसी तरह बाइक को बेचा था, जिसे पुलिस ने पकड़ा था, लेकिन उसकी गलती नहीं पाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने बाइक बरामद कर उसे छोड़ा था। इस तरह से कई और अन्य लोगों को उसने बाइक बेची है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।