अब खुद की निगरानी में गांवों में सफाई, सैनिटाइजेशन कराएंगे नवनिर्वाचित प्रधान, जिनके पास एक कमरे का घर उन संक्रमितों को आइसोलेशन कराने के साथ ही आर्थिक मदद भी दे सकेंगे
पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी होने के अगले दिन मंगलवार को जिले की 1294 पंचायतों में से 860 पंचायतों के प्रधानों के साथ नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों ने ऑनलाइन शपथ ली। लैपटॉप की मदद से आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्लाकों पर उपस्थित होकर बीडीओ और तहसीलदार ने अलग-अलग ब्लाकों के इन नवनिर्वाचित प्रधानों व सदस्यों को शपथ दिलाई।
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निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई नहीं होने से जहां 428 पंचायतों के प्रधान जीत के बाद भी शपथ नहीं ले सके, वहीं छह पंचायतें ऐसी रहीं, जहां प्रत्याशियों ने प्रधानी तो जीत ली, मगर जिंदगी की जंग हर गए। इन पंचायतों में भी शपथ नहीं हो सकी। यानी 434 पंचायतों में अब उप चुनाव होने के बाद ही इन पंचायतों का गठन हो सकेगा और प्रधान शपथ ले सकेंगे। तब तक पूर्व की ही तरह प्रशासक इन गांवों के विकास कार्य देखेंगे।
कोरोन से लड़ाई के साथ नवनिर्वाचित प्रधानों के कार्यकाल की शुरूआत होगी। अब सैनिटाइजेशन, सफाई और कोरोना पीड़ितों की देखभाल की जिम्मेदारी उन्हें उठानी पड़ेगी। पंचायतीराज विभाग सैनिटाइजेशन के लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराएगा, मगर प्रधानों को अपनी देख-रेख में ही गांवों को सैनिटाइज कराना होगा।
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यही नहीं निगरानी समिति के अध्यक्ष भी अब प्रधान ही होंगे। शासन की तरफ से शुरू की गई योजना के तहत निर्धन जरूरतमंदों को अंत्येष्टि के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद भी प्रधान दे सकेंगे। इसके अलावा यदि किसी संक्रमित के पास एक कमरे का ही घर होगा तो प्रधान उसके आइसोलेशन की भी व्यवस्था करा सकते हैं।
आखिरी वक्त में दो प्रधान बढ़े, एक प्रधान अस्पताल में भर्ती
गोरखपुर जिले में पहले 859 ग्राम पंचायतों के गठन की घोषणा हुई थी, लेकिन मंगलवार की सुबह यह बात संज्ञान में आई कि उरुवां ब्लाक में 53 गांव की जगह लिपिकीय त्रुटि से 52 गांव ही दर्ज किए गए थे। इसे सुधार कर संख्या 860 की गई। इसी तरह गगहा ब्लाक की ग्राम पंचायत सेमरी में पंचायत सदस्यों की रिपोर्ट, रिटर्निंग ऑफिसर ने समय से नहीं दी थी, इसलिए यहां भी कोरम पूरा नहीं माना गया था।
मंगलवार की सुबह रिटर्निंग ऑफिसर ने सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण दिया, उसके बाद इस गांव का नोटिफिकेशन भी डीएम ने जारी किया। इस तरह कार्यक्रम के समय 861ग्राम पंचायतों में शपथ लेने की तैयारी की गई, मगर पिपराइच ब्लाक के बरईपुर के निर्वाचित प्रधान सुरेश प्रसाद कोरोना संक्रमित है और अस्पताल में भर्ती होने की वजह से शपथ नहीं ले सके। इसके चलते 860 प्रधानों को ही शपथ दिलाई गई। पंचायतीराज विभाग प्रयास कर रहा है कि संभव होने पर उन्हें अस्पताल से ही ऑनलाइन शपथ दिलाई जाए।
प्रधान बनाएंगे अपना डोंगल
शपथ ग्रहण के साथ ही प्रधान अपना डोंगल भी अब बना सकेंगे और विभाग उन्हें एक्टिव कर देगा। डोंगल एक्टिव होने के साथ ही पंचायत से प्रशासक का दायित्व समाप्त हो जाएगा और वित्तीय अधिकार प्रधान के पास आ जाएंगे।
पंचायतों के गठन के बाद 27 मई को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। पहले से तैयार कार्ययोजना पर चर्चा होने के साथ ही ग्राम सभा यदि कोई नई योजना पर मुहर लगाती है तो उसे भी उसमें जोड़ा जाएगा।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ दिला दी गई है। बाकी के 434 गांवों में उपचुनाव के बाद ही पंचायतों का गठन हो सकेगा। 27 को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। प्रधानों को अब सफाई और सैनिटाइजेशन के काम की निगरानी खुद भी करनी होगी। साथ ही वह निगरानी समिति के अध्यक्ष भी होंगे।
... और यहां पंचायती जीत कर भी जिंदगी की जंग हार गए प्रधान
गोरखपुर जिले की छह ऐसी पंचायते हैं, जहां के प्रत्याशियों ने प्रधानी तो जीत ली, मगर जिंदगी की जंग हर गए। कोई कोरोना से चल बसा तो किसी की हत्या हो गई। भटहट ब्लाक के जंगल हरपुर के नवनिर्वाचित प्रधान भुआल यादव का निधन मतदान के दूसरे दिन ही हो गया था।
जंगल कौड़िया ब्लाक के ग्राम पंचायत अहिरौली में ग्राम प्रधान चुनी गईं इंद्रा यादव का निधन मतगणना से पांच दिन पहले यानी 27 अप्रैल को हुआ। सरदारनगर ब्लाक की ग्राम पंचायत बरईपार की प्रधान गीता देवी का निधन मतगणना के चार दिन बाद हुआ।
बड़हलगंज ब्लाक के ग्राम बेईली में प्रधान राजेश यादव की मौत मतगणना के बाद हुई तो जैतपुर गांव में प्रधान चुने गए पवन साहनी की मौत मतगणना के पहले ही हो गई थी। पिपरौली ब्लाक के ग्राम मिश्रवलिया में राघेवंद्र दुबे उर्फ गिलगिल दुबे को 14 अप्रैल की रात गोली लगी, 17 को इलाज के दौरान लखनऊ में उनका निधन हो गया मतगणना के बाद जीत गए।ब्यूरो