बस्ती में ट्रेन में धमाका करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पोटाश गन से फायरिंग की बात कबूल की है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पहले दोनों आरोपियों ने बैग में रखे पटाखे दगने की आवाज बताकर गुमराह किया।
बस्ती में पटाखे लेकर ट्रेन में यात्रा करने वाले बिहार के दोनों यात्रियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से एक पोटाश गन भी बरामद की गई है। जीआरपी के अनुसार, मुख्य आरोपी अमित यादव ने पोटाश गन से फायर किया, जिसकी आवाज बम विस्फोट जैसी थी।
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इससे ट्रेन में अफरातफरी मची। उसी बीच गेट के पास बैठा ऋतुराज ठाकुर ट्रेन से गिरा और उसकी मौत हो गई। इससे पहले जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज यादव ने झोले में पटाखे में विस्फोट की आशंका जताई की थी। दोनों के पकड़े जाने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि वह पटाखे का धमाका नहीं बल्कि, पोटाश गन से धमाके की आवाज थी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर के अनुसार, जीआरपी निरीक्षक हिंजल अंसारी की टीम ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के नानपुर थानाक्षेत्र के गढ़ौल शरीफ निवासी अमित यादव उर्फ माझी व इसी क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी ऋतुराज को बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन के पास से गिरफ्तार किया।
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एक पोटाश गन भी बरामद
बस्ती में पटाखे लेकर ट्रेन में यात्रा करने वाले बिहार के दोनों यात्रियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से एक पोटाश गन भी बरामद की गई है। जीआरपी के अनुसार, मुख्य आरोपी अमित यादव ने पोटाश गन से फायर किया, जिसकी आवाज बम विस्फोट जैसी थी।
'पटाखे का धमाका नहीं बल्कि, पोटाश गन से धमाके की आवाज थी'
इससे ट्रेन में अफरातफरी मची। उसी बीच गेट के पास बैठा ऋतुराज ठाकुर ट्रेन से गिरा और उसकी मौत हो गई। इससे पहले जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज यादव ने झोले में पटाखे में विस्फोट की आशंका जताई की थी। दोनों के पकड़े जाने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि वह पटाखे का धमाका नहीं बल्कि, पोटाश गन से धमाके की आवाज थी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर के अनुसार, जीआरपी निरीक्षक हिंजल अंसारी की टीम ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के नानपुर थानाक्षेत्र के गढ़ौल शरीफ निवासी अमित यादव उर्फ माझी व इसी क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी ऋतुराज को बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन के पास से गिरफ्तार किया।
बाद में जब पोटाश गन बरामद की गई तो दोनों ने कबूल किया कि उसी गन से फायर किया गया था। जीआरपी के अनुसार, उस समय छानबीन में तो कुछ नहीं मिला। बाद में कुछ दूरी पर ऋतुराज ठाकुर नामक युवक का रेलवे ट्रैक पर शव मिला।
चूंकि ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत के मामले आते रहते हैं, इसलिए उस मौत से धमाके का कनेक्शन किसी ने नहीं जोड़ा। मगर, बाद में जब जीआरपी ने जांच की तो पता चला कि ट्रेन के कोच संख्या एस-9 में आनंद विहार से छठ मनाने बिहार के सीतामढ़ी के नानपुर गढ़ौल निवासी अमित यादव, ऋतुराज राय और ऋतुराज ठाकुर एक साथ सफर कर रहे थे। घटना में ऋतुराज ठाकुर की मौत हो गई थी। उसके पिता बब्बन जी ठाकुर की तहरीर पर अमित यादव और ऋतुराज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।