बसंत पंचमी की खबर में गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ दिग्विजय शुक्
-23 जनवरी को मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जगह स्थापित होगी होलिका
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बसंत पंचमी का पर्व चार महत्वपूर्ण योगों सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शिव योग और महासिद्धि योग में 23 जनवरी को धूमधाम से मनाई जाएगी। ज्ञान, बुद्धि व कला की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की आराधना के साथ इसी दिन से होलिका भी जगह-जगह स्थापित की जाएगी। जो मार्च में होली के एक दिन पहले जलेगी।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि यह उत्सव ऋतुराज बसंत के आरंभ का दिन है। बसंत पंचमी बसंतागमन की अभिनंदन तिथि है। प्राचीन काल से इस महोत्सव को हमारे देश में अपूर्व उत्साह से मनाया जाता रहा है। आरंभ में यह विशुद्ध ऋतु संबंधी महोत्सव था, लेकिन बाद में इसके साथ कुछ धार्मिक कथाएं जोड़ दी गई हैं। बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा गया है। इस दिन विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का पूजन किया जाता है। सरस्वती पांच प्रकृतियों में से एक हैं। इस दिन होलिका स्थापित की जाती है।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि दुर्गा सप्तशती में जिन तीन महाशक्तियों की उपासना की गई है, उनमें से एक महासरस्वती भी हैं। समस्त ज्ञान विज्ञान, विद्या,कला, बुद्धि,मेधा, तर्क शक्ति,प्रत्यभिज्ञा एवं वाणी की स्वामिनी होने के कारण यह देवी अत्यधिक प्रसिद्ध हैं। दस महाविद्याओं में वह तारा के रूप में जानी जाती हैं। महासरस्वती का आविर्भाव माघ शुक्ल पंचमी को होने के कारण इस तिथि को श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस तिथि से बसंत ऋतु का आगमन माना जाने के कारण यह बसंत पंचमी के नाम से भी जानी जाती है।