कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर घरों से कूड़ा उठाने की निगरानी हाईटेक होगी। हर घर पर बार कोड लगाया जाएगा। वाहनों के रूट की गूगल मैपिंग कराई जाएगी। इससे समय से कूड़ा उठान तथा ड्राइवरों पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। कूड़ा उठान में 10-15 मिनट की देरी ही मान्य होगा। इससे अधिक की देरी पर ड्राइवर से जवाब तलब किया जाएगा।
नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राप्तीनगर व विकास नगर वार्ड को चुना है। कूड़ा उठान के लिए वाहनों का रूट चार्ट तैयार करा लिया गया है। जल्द ही रूट की गूगल मैपिंग भी कराई जाएगी, जिससे वाहन के रूट से इतर जाने पर तत्काल जानकारी हो सके।
इसे भी पढ़ें: चार गुना मुआवजे पर किसान नहीं तैयार... मौजूदा कीमत की दरकार
उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला ने कहा कि हर घर पर बार कोड लगाया जाएगा। कूड़ा उठाने के बाद ड्राइवर बार कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन करेंगे। इसके बाद सॉफ्टवेयर के जरिये इसकी जानकारी दर्ज हो जाएगी। जिससे यह तत्काल पता चल सकेगा कि किस घर से कूड़ा नहीं उठा है।
बार कोड के लिए बैंकों से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे फाइनल कर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में वाहनों के लिए बनाए गए रूट चार्ट के मुताबिक रूट की गूगल मैपिंग भी कराई जाएगी, जिससे वाहनों पर ऑनलाइन नजर रखी जा सके।