केस एक
कोतवाली इलाके के मियां बाजार के अब्दुल रहमान ने व्यक्तिगत लोन लिया है। हर आठ तारीख को उनकी किश्त कटती है। 9 दिसंबर की सुबह आठ बजे उनके मोबाइल पर फोन आया और बताया कि वह बैंक से बोल रहा है। 10 रुपये किश्त कम कटी है, जीएसटी बढ़ गया है। इसे तत्काल जमा कर दें, नहीं तो आप की सीबी खराब हो जाएगी। 10 रुपये की बात होने की वजह से उन्होंने ध्यान नहीं दिया है और लिंक पर 10 रुपये का भुगतान किया फिर खाते में बचे 24 सौ रुपये निकल गए।
इसे भी पढ़ें: माफिया राजन तिवारी की चार फाइलें गायब, कमजोर पड़ सकती है पैरवी
केस दो
रामगढ़ताल इलाके के रुस्तमपुर निवासी राकेश ने कार लोन लिया है। उनकी किश्त हर महीने की पांच तारीख को कटती है। छह नवंबर को इनके पास फोन आया और बताया कि किश्त में 70 रुपये कम जमा किए हैं। इसे जमा कर दें। उन्होंने सुबह फोन आने की वजह से संदेह जाहिर किया और बैंक आकर जमा करने की बात कही। इसके बाद 10 बजते ही उनके पास फोन आया कि बैंक आइए या तो जमा कर दीजिए। बैंक जाने पर पता चला कि उनके पास किसी कर्मचारी ने कॉल नहीं किया था।