गोरखपुर। नैक मूल्यांकन में ए प्लस प्लस, क्यूएस की दक्षिण एशिया रैंकिंग में जगह और एनआईआरएफ के टॉप-100 राज्य विश्वविद्यालयों में शुमार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की धमक विदेशों में भी बढ़ी है। इस बार पांच देशों के 64 अभ्यर्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
बांग्लादेश से सर्वाधिक 32 छात्रों ने आवेदन किया है। इसके बाद नेपाल से 25, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से पांच, दक्षिण अफ्रीका और सूडान से एक-एक आवेदन आए हैं। बांग्लादेश के अभ्यर्थियों ने ''''स्टडी इन इंडिया'''' पोर्टल के जरिये आवेदन किया है, जबकि अन्य देशों के छात्रों ने डीडीयू के पोर्टल पर आवेदन किया है।
डीडीयू के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता ने बताया कि पीएचडी के साथ ही यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए भी आवेदन आए हैं। यूजी व पीजी के लिए कुल 45 आवेदन आए हैं। इनमें इंजीनियरिंग के लिए करीब 31, कृषि के लिए आठ, बीएससी के लिए पांच व बीए एलएलबी के लिए एक आवेदन शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया वहां के दूतावासों के जरिये पूरी होगी। उनके लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
पीएचडी के लिए आए कुल 19 आवेदन
सत्र 2025-26 के लिए चल रही पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के लिए कुल 19 आवेदन आए हैं। सभी आवेदन नेपाल से आए हैं। मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, विधि, गणित, राजनीति शास्त्र और शिक्षाशास्त्र विषयों से पीएचडी के लिए आवेदन आए हैं। प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शैक्षणिक उत्कृष्टता व छात्र हितैषी पहलों को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। देश-विदेश की प्रतिष्ठित रैंकिंग में शामिल होने से विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि विकसित हुई है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय छात्र आकर्षित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सभी स्तरीय सुविधाएं मानक के अनुरूप प्रदान की जाएंगी।