सांसद कमलेश पासवान और उनके छह समर्थकों की जमानत अर्जी उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने मंजूर कर ली है। इस मामले में अधीनस्थ न्यायालय ने सांसद और उनके छह समर्थकों को एक साल छह माह के कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इसके बाद ही सांसद ने समर्थकों संग हाईकोर्ट में अर्जी दी थी।
जानकारी के मुताबिक, 16 जनवरी 2008 को कमलेश पासवान (तब सपा में थे) और उनके समर्थकों द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पार्टी के नेता शिवपाल यादव और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मेडिकल काॅलेज के मुख्य गेट के सामने विधि विरुद्ध तरीके से जाम किया गया था। अभियुक्तों द्वारा नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास भी किया गया।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में युवती का हाथ पकड़कर शोहदों ने खींचा, चीखीं तो बरसाए थप्पड़
इस मामले में अधीनस्थ न्यायालय से अभियुक्तों को सजा हुई। जिसके विरुद्ध अभियुक्तों ने अपील दाखिल की।जिससे विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट नम्रता अग्रवाल ने निरस्त कर सांसद और उनके छह समर्थकों को 15 दिन के अंदर सजा भुगतने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
सांसद और उनके समर्थकों ने इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में क्रिमिनल रिवीजन 2102/2023 दाखिल किया।जिसमे उच्च न्यायालय ने सांसद सहित सभी छह लोगो को जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया है।