सैयद मोदी स्टेडियम में बन रहा बैडमिंटन कोर्ट।
गोरखपुर शहर में बैडमिंटन की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। बैडमिंटन की नई पौध के लिए जल्द ही एक और कोर्ट तैयार हो जाएगा। सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम के बैडमिंटन हाल में नवीनीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अब शहर में कुल तीन बैडमिंटन कोर्ट हो जाएंगे, जिसमें खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे।
सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम के बैडमिंटन हाल में अभी तक दो कोर्ट थे। यह दोनों लकड़ी के थे, अब इसमें एक और कोर्ट बनाया जा रहा है। इस हाल के सभी कोर्ट अब सिंथेटिक होंगे। बैडमिंटन हाल के रेनोवेशन में लगभग 65 लाख रुपए का बजट लगेगा। सिंथेटिक कोर्ट आज के समय में बैडमिंटन के लिए बहुत जरूरी है। गोरखपुर में फिलहाल रीजनल स्टेडियम और एक प्राइवेट एकेडमी में ही सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट है।
अभ्यास के लिए तीसरा कोर्ट बन जाने से खिलाड़ियों को काफी राहत मिलेगी। दो कोर्ट होने की वजह से उन्हें प्रैक्टिस के लिए पूरा समय नहीं मिलता था। आज के समय में बैडमिंटन में बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी आगे आ रहे हैं। गोरखपुर से सैयद मोदी, मीना शाह, संतोष कुमार द्विवेदी जैसे बड़े खिलाड़ी निकले हैं। हाल ही में आदित्या यादव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन किया है। हालांकि एक कोर्ट के बनने से समस्या पूरी तरह से दूर नहीं होगी क्योंकि शहर में खिलाड़ी ज्यादा और कोर्ट कम हैं।
प्रैक्टिस के लिए सिंथेटिक कोर्ट जरूरी
वर्ल्ड यूथ डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप और डेफ ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी आदित्या यादव के अनुसार सिंथेटिक कोर्ट बनने से खिलाड़ियों को बहुत राहत मिलेगी। आदित्या के पिता दिग्विजय यादव ने बताया कि गोरखपुर में सिंथेटिक कोर्ट बहुत कम हैं और खिलाड़ी ज्यादा। इस कोर्ट के बन जाने से ज्यादा खिलाड़ियों को प्रैक्टिस का मौका मिलेगा।
ज्यादा खिलाड़ी कर सकेगे अभ्यास
बैडमिंटन कोच संजीत प्रधान ने बताया कि आज के समय में सभी प्रतियोगिताएं सिंथेटिक कोर्ट पर ही होती हैं। गोरखपुर में रीजनल स्टेडियम के अलावा एक प्राइवेट एकेडमी में सिंथेटिक कोर्ट है। रेलवे में बन जाने से खिलाड़ियों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही एक साथ कई खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे।
बैडमिंटन हाल में खिलाड़ियों की भीड़ होने की वजह से उन्हें प्रैक्टिस का भरपूर समय नहीं मिल पा रहा था। इसको देखते हुए उसमें एक और कोर्ट बनवाया जा रहा है। साथ ही समय की जरूरत को देखते हुए तीनों कोर्ट को सिंथेटिक बनाया जा रहा है। बहुत जल्द यह हाल तैयार हो जाएगा। -पंकज कुमार सिंह, महासचिव, नरसा।