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गोरखपुर में बीएड प्रवेश परीक्षा में उड़ीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

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गोरखपुर में बीएड प्रवेश परीक्षा में उड़ीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
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गोरखपुर। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच रविवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा संपन्न हो गई। संक्रमण से बचने के लिए तमाम एहतियात के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन बहुत कम किया गया। परीक्षा शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर और शहर में कई जगहों पर जाम लगा। पुलिस इससे दिनभर जूझती रही।
मंडल के तीन जिलों में बीएड प्रवेश परीक्षा संपन्न हुई। गोरखपुर में करीब 17 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। सबसे ज्यादा अभ्यर्थी गोरखपुर में गैरहाजिर मिले, जबकि देवरिया में सबसे कम। देवरिया में 90 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुशीनगर में 16 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
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गोरखपुर में 52 केंद्र बने थे। यहां करीब 25800 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 21330 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 4470 अनुपस्थित रहे। देवरिया में नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 2700 छात्र अभ्यर्थी थे। इनमें से 2420 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 280 अभ्यर्थी अनुपस्थिति रहे। कुशीनगर में सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 2100 अभ्यर्थियों में से 1827 परीक्षा में शामिल हुए, 273 गैरहाजिर रहे।
परीक्षा केंद्रों पर नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग
परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र के बाहर अभ्यर्थी और उनके परिजन सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लापरवाह नजर आए। भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तार-तार होते दिखे। लोग एक दूसरे से सट कर खड़े थे। परीक्षा खत्म होेेने के बाद भी यही स्थिति रही। जल्दी निकलने के चक्कर में अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की तक हुई। अभ्यर्थियों के एक साथ बाहर आने की वजह से केंद्रों के बाहर घंटों जाम लगा रहा।
प्रवेश परीक्षा में नहीं मिले बुखार के मरीज
कोरोना को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर के इंतजाम किए गए थे। शनिवार की शाम को परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज भी कराया गया था। इसके लिए केंद्रों को अलग से धनराशि दी गई थी। बुखार, सर्दी, जुकाम के मरीजों को परीक्षा दिलाने के लिए अलग कमरे का इंतजाम हर परीक्षा केंद्र पर किया गया था, लेकिन किसी भी केंद्र पर बुखार और सर्दी जुकाम के मरीज नहीं मिले।
थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिला प्रवेश
कोरोना महामारी की वजह से परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्कैनिंग मशीन और सैनिटाइजर का पूरा इंतजाम था। जिले के सभी 52 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को थर्मल स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। साथ ही कक्ष में जाने से पहले हाथ भी सैनिटाइज कराया गया।
फोटो कॉपी के लिए परेशान रहे अभ्यर्थी
कई सेंटरों पर अभ्यर्थी आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर नहीं आए थे। इसकी वजह से उन्हें परेशान होना पड़ा। लॉकडाउन की वजह से फोटो कॉपी की दुकानें भी नहीं खुली थीं। कुछ चोरी छिपे खुली भी, तो वहां भारी भीड़ की वजह से अभ्यर्थियों को परेशान होना पड़ा।
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चाय-पानी के लिए तरसे, मासूम भी रहे परेशान
अभ्यर्थियों के साथ आए उनके परिजन शहर में चाय और पानी के लिए तरस गए। अभ्यर्थी परीक्षा देने चले गए, तो परिजन उमस भरी गर्मी में चाय की दुकान खोजते रहे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से दुकानें बंद मिलने से निराशा हाथ लगी। सबसे ज्यादा उनको परेशानी हुई, जो मासूमों को साथ लाए थे। एक तो उमस भरी गर्मी, ऊपर से पानी और खाने-पीने का सामग्री नहीं मिलने से बच्चों के साथ उनके परिजन भी परेशान रहे।
रिजनिंग के सवालों ने उलझाया
इस बार प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत काफी सरल रहा। लेकिन रिजनिंग के सवालों ने काफी उलझाया। इसकी वजह से प्रश्नपत्र को हल करने में थोड़ी कठिनाई हुई।
साक्षी, अभ्यर्थी
सामान्य ज्ञान के सवाल कठिन थे
परीक्षा में सामान्य ज्ञान के सवाल थोड़े कठिन लगे। देश-दुनिया से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे। बाकी के सवाल ठीक थे। उम्मीद है कि सफलता मिल जाएगी।
मेघना मिश्रा, अभ्यर्थी
आसान थे अंग्रेजी के सवाल
परीक्षा में अंग्रेजी के सवाल काफी सरल रहे। इसकी उम्मीद नहीं थी। इसकी वजह से आसानी से पेपर हल भी हो गए। कुल मिलाकर पेपर अच्छा गया है।
निखिल, अभ्यर्थी
गणित के सवालों ने परेशान किया
गणित को छोड़कर बाकी सभी विषयों के सवाल सरल थे। केवल गणित के सवालों ने काफी देर तक उलझाएं रखा। उम्मीद पूरी है कि नंबर अच्छे आएंगे।
अदिती सिंह, अभ्यर्थी
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